बलरामपुर (नईदुनिया न्यूज)। बेहतर काम और ऊंची पगार का झांसा देकर तीन आदिवासी किशोरों को कर्नाटक के मंगलोर में बंधक बना रखने वाले दो आरोपितों झारखंड के भंडरिया थाना क्षेत्र के ग्राम उगरा निवासी अमजद अंसारी पिता हमीद अंसारी 34 वर्ष व सनोज राम उर्फ छोटू पिता रामगहन राम 24 वर्ष को बलरामपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।आरोपितों के कब्जे से बलरामपुर जिले के तीन किशोर,एक युवक के अलावा पड़ोसी प्रान्त झारखंड के एक युवक को पुलिस टीम ने सुरक्षित वापस ले आया है।मानव तस्करी का शिकार हुए किशोरों के घर वापसी से स्वजन ने राहत की सांस ली है।

बताया जा रहा है कि आरोपित अमजद अंसारी व सनोज राम उर्फ छोटू पूर्व में मंगलोर कर्नाटक में काम कर चुका था। वह नजदीक के गांवो में जाकर गरीब व अभावग्रस्त परिवार के किशोर तथा युवाओं को बेहतर काम और ऊंची पगार का झांसा देकर महानगरों में ले जाया करता था। इसके एवज में उन्हें राशि भी मिलती थी। बताया जा रहा है कि इन दोनों ने बलरामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पचावल के आदिवासी परिवार के 16 व 17 वर्ष के दो सगे भाइयों के अलावा इसी गांव के एक किशोर और युवक को झांसा दिया था कि मुंबई में एक मछली कंपनी में काम है। आठ घण्टे की नौकरी है।उसके एवज में 12 हजार रुपए मिलेंगे।रहने और खाने की व्यवस्था अलग से दी जाएगी।मुंबई का नाम सुनकर सभी बीते 12 अगस्त को मानव तस्करों के साथ चले गए।इधर स्वजन उनकी खोजबीन में लगे रहे लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला।सितंबर महीने के शुरुआती दिनों में किशोरों ने ही घरवालों को उन्हें बंधक बनाकर रखने की जानकारी दी।बीते सात सितंबर को बलरामपुर थाने में स्वजन पहुंचे थे और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए बलरामपुर पुलिस अधीक्षक राम-ष्ण साहू ने विशेष टीम का गठन किया।थाना प्रभारी बलरामपुर सुरेंद्र उके के मार्गदर्शन में एएसआई नारायण सिंह मरावी, प्रधान आरक्षक रफेल तिकी, आरक्षक कुमार सोनू, आरक्षक सुखलाल सिंह की टीम को मंगलोर कर्नाटक रवाना किया गया।टीम ने नई तकनीक का उपयोग कर आरोपितों व मानव तस्करी का शिकार हुए किशोरों व युवक का लोकेशन पता कर उन्हें ढूंढ निकाला।पुलिस टीम ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर तीन किशोर और दो युवकों को रेस्क्यू किया है।इनमें एक युवक सिकेश किस्पोट्टा 18 वर्ष निवासी ग्राम टेंगारी थाना भंडरिया जिला गढ़वा का रहने वाला है। आरोपितों के खिलाफ धारा 363, 368, 370 (5) 34 आइपीसी के तहत अपराध दर्ज किया गया है। दोनों आरोपितों को न्यायालय के निर्देश पर जेल दाखिल किया गया है।

बंधक बनाया,राशि भी नहीं दी-

पुलिस को पीड़ितों ने बताया कि मुंबई के बजाय इन्हें मंगलोर ले जाया गया। शहर के बाहर एक झोपड़ी बनवाई गई। वहीं रखा गया। सुबह दोनों आरोपित मछली लेकर आते थे और बंधक बनाए गए किशोरों और युवकों से मछली की पैकिंग कराई जाती थी। कुछ दिनों बाद पीड़ितों ने घर वापसी की इच्छा जताई तो आरोपितों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। उनकी निगरानी बढ़ा दी गई। एक ही जगह बंधक बने पीड़ितों ने किसी तरह स्वजन तक अपनी बात रखी। मामला पुलिस तक पहुंचा और आरोपितों की गिरफ्तारी कर किशोरों,युवकों को रेस्क्यू कर सुरक्षित वापस लाया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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