बैकुंठपुर (नईदुनिया न्यूज)। कलेक्टोरेट के नाजराज शाखा के बैंक एकाउंट का क्लोन चेक तैयार कर एक करोड़ 29 लाख की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने चार आरोपित को गिरफ्तार किया है। इधर बैंक प्रबंधन की ओर से कलेक्टोरेट के खाते में पूरी रकम वापस कर दी गई है।

गौरतलब है कि 13 अप्रैल को कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त कलेक्टर अविनाश सिदार ने धोखाधड़ी की शिकायत की थी। इसमें बताया कि कलेक्टोरेट के नाजराज शाखा के बैंक एकाउंट के चेक का क्लोन कर अज्ञात लोगों ने एक करोड़ 29 लाख रुपये निकाल लिए हैं। मामले में कार्रवाई करते हुए शेष चेक के भुगतान पर रोक लगा दी गई। मामले में कार्रवाई करते हुए बैंक प्रबंधन की ओर से 19 मई को पूरी रकम कलेक्टोरेट के एकाउंट में जमा करा दिया गया। मामले में शामिल ओमप्रकाश श्रीवास्तव(40) निवासी फ्लैट न. 102 रश्मि दुविता पार्क नाला सोपारा न्यु लिंक रोड वसई ईस्ट थाना नालासोपारा जिला पालघर (महाराष्ट्र), जाकिर सफी शेख(40) निवासी फ्लैट न. 10-11 बिल्डिंग नम्बर 202 / 228 दिल्ली दरबार के सामने पीबी मार्ग मुम्बई-04 थाना ग्रेन्ट रोड जिला मुम्बई (महाराष्ट्र), शुभम तनेजा(28) निवासी मकान नं. 316 डोगरा मोहल्ला थाना मुल्तानी पुलिस थाना जिला हिसार हरियाणा, सैन्की उर्फ योगेश धरानी(33) निवासी 657 / 27 गली नं. आठ मदनपुरी थाना न्यु कालोनी पुलिस थाना जिला गुड़गाव हरियाणा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से दो कार, नकदी रकम जब्त किया है।

क्या है मामला

13 अप्रैल को प्रार्थी संयुक्त कलेक्टर अनिल कुमार सिदार निवासी कलेक्टर कार्यालय बैकुण्ठपुर ने थाना में लिखित आवेदन पत्र प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनाक 22मार्च से 13अप्रैल 2022 के मध्य कलेक्टर कार्यालय कोरिया के नाजारत शाखा के लगभग 21 चेकों को क्लोनिंग कर अलग-अलग राशि का चेक मुम्बई स्थित विभिन्न बैंक के ब्रांच में कोर बैंकिंग के द्वारा चेक क्लीयरिंग कराकर अतीश सुभाष गायकवाड़ निवासी बुद्धनगर आजादनगर थाना उल्हासनगर-2, जिला थाणे (महाराष्ट्र), अक्षर पवेलियन कम्पनी तथा दीवान सिंह पारते निवासी गुड़गांव के खातों में लगभग एक करोड़ उन्नतीस लाख रूपये कुट रचना कर आहरण कर लिया गया है। प्रार्थी के रिपोर्ट अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना कार्रवाई में लिया गया। प्रकरण की विवेचना में जिले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के कुशल निर्देशन एवं अति। पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह तथा उप पुलिस अधीक्षक नेल्शन कुजूर मुख्यालय बैकुण्ठपुर के कुशल मार्गदर्शन में टीम गठित कर तत्काल दिल्ली, मुम्बई तथा पटना बिहार के लिए रवाना किया गया था।

इस तरह करते थे धोखाधड़ी

मामले की जांच के दौरान पता चला कि ओमप्रकाश, सचिन, जयप्रकाश यादव, हिमांशु तनेजा, शुभम तनेजा, योगोश धरानी, जाकिर सफी शेख, दीवान सिंह पाते, आतीश गायकवाड़, आदित्य नंदू, तुषार प्रकाश साल्वे, अजमत ताज, नगमी परवीन, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद नईम मिलकर धोखाधड़ी को अंजाम देते थे। ओमप्रकाश, जयप्रकाश और सचिन इंटरनेट के माध्मय से देश के बड़े फर्म और शासकीय कार्यालयों का चेक निकालते थे। सचिन फर्जी चेक और सील तैयार करता था। इससे जाकिर सफी मुंबई के विभिन्न बैंको से रुपये निकाल लेता था। इसके लिए उन्होंने फर्जी फर्म के नाम से खाते भी खुलवा लिए थे।

कई बड़ी कंपनियों से की है धोखाधड़ी

पुलिस की जांच के दौरान पता चला कि आरोपित 2011 से फर्जीवाड़ा कर रहे थे। उन्होंने 2011 में बालाजी टेलफिल्म कंपनी के चेक से तीन करोड़ 30 लाख, राजस्थान में 20 लाख, उत्तरप्रदेश के लखनऊ से 62 लाख, गुजरात से नौ लाख रुपये का फर्जी चेक तैयार कर धोखाधड़ी की थी। इन मामलों में अलग-अलग राज्यों की पुलिस जुर्म दर्ज कर जांच कर रही है।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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