अंबिकापुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। हसदेव अरण्य में परसा ईस्ट केते बासेन(पीईकेबी) कोल ब्लाक के द्वितीय चरण के लिए पेड़ों की कटाई से सरगुजा की राजनीति गरमाई हुई है।गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री व अंबिकापुर विधायक टीएस सिंहदेव के निवास से दूर मुख्य मार्ग में एक ओर भाजपाई और दूसरी ओर कांग्रेसजन आमने-सामने आ गए।भाजपाई ,मंत्री निवास घेरने पहुंचे थे।पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक लिया।जब भाजपा की ओर से स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और कांग्रेस के विरुद्ध नारेबाजी शुरू हुई तो सिंहदेव निवास के बाहर मौजूद कांग्रेसजन भी सामने आ गए।दोनों ओर से एक -दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू हो गई।

कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया था,बाद में भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता वापस लौट गए।इसके पहले गुरुवार को भाजपा जिला अध्यक्ष ललन प्रताप सिंह के नेतृत्व में भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल सिंह मेजर, प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंह देव, सूरजपुर जिला अध्यक्ष बाबूलाल गोयल, ओबीसी मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सोनी, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष प्रबोध मिंज, पूर्व विधायक विजय नाथ सिंह, वरिष्ठ नेता त्रिलोक कपूर कुशवाहा , जिला महामंत्री अभिमन्यु गुप्ता की उपस्थिति में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता पुराने बस स्टैंड से रैली के रूप में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के निवास तपस्या घेरने निकले थे।टीएस सिंह देव वादा निभाओ गोली खाकर पेड़ बचाओ के नारों के बीच भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को पुलिस व प्रशासन ने रिलायंस पेट्रोल पंप के पास ही रोक लिया।

यहां पहले से ही बेरिकेडिंग की गई थी।सुरक्षा में तैनात पुलिस बलों के साथ तीखी झड़प भी हुई।प्रदर्शन के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष ललन प्रताप सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने जनता से वादा किया था कि एक भी डंगाल नहीं कटेगी।यदि गोली खानी पड़ी तो पहली गोली मैं खाऊंगा, आज पेड़ कट गए परंतु बयान देने वाले विधायक व मंत्री का कहीं पता नहीं है। स्थानीय ग्रामीणों में भय और भ्रम की स्थिति निर्मित हो गई है, सुरक्षा में लगे पुलिस द्वारा ग्रामीणों को प्रताड़ित किया जा रहा है। वन कटाई क्षेत्र में जाने से रोका जा रहा है, ऐसे में क्षेत्र के विधायक एवं वर्तमान सरकार में कैबिनेट मंत्री टीएस सिंह देव सामने आकर वस्तुस्थिति स्पष्ट करें तथा पेड़ों को कटने से बचाने के लिए सार्थक पहल करें।

सिंहदेव निवास में पहले से ही उपस्थित थे कांग्रेसजन

भाजपा के घेराव को देखते हुए पुलिस व प्रशासन पहले से ही सतर्क था।स्वास्थ्य मंत्री के निवास से काफी पहले ही बैरिकेड लगा दिया गया था।बैरिकेड व घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया था।भाजपा के प्रदर्शन को देखते हुये स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के निवास परिसर में दोपहर से ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।

यह है मामला

सरगुजा जिले के उदयपुर ब्लाक में परसा ईस्ट केते बासेन(पीईकेबी) कोल ब्लाक के द्वितीय चरण के लिए 43 हेक्टेयर क्षेत्र में पेड़ों की कटाई हुई है।इसके लिए भाजपा व कांग्रेस एक दूसरे पर आरोप लगा रहे है।बुधवार को भाजपा ने खनन प्रभावित क्षेत्र में पेड़ों की कटाई के विरोध में धरना प्रदर्शन कर इसके लिए राज्य की कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया था।भाजपा का कहना था कि कांग्रेस सरकार ने झूठ बोलकर लोगों को भ्रमित कर लाखों पेड़ कटवा दिए। उधर कांग्रेस का कहना है कि भाजपा,झूठ की राजनीति कर रही है।पूर्व मुख्यमंत्री डा रमन सिंह के कार्यकाल में उक्त कोल ब्लाक को स्वीकृति दी गई थी।पुरानी खदान पीईकेबी को निरस्त करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है।यदि भाजपा खदानों को निरस्त करना चाहती है तो प्रधानमंत्री कार्यालय तक उंन्हे मार्च निकालना चाहिए।

इसलिए मंत्री निवास घेरने गए थे भाजपा पदाधिकारी,कार्यकर्ता

भाजपा का दावा है कि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सार्वजनिक रूप से बोला था कि एक भी पेड़ नहीं कटने दूंगा,भले मुझे गोली खानी पड़े,लेकिन आज पेड़ कट गए और स्वास्थ्य मंत्री का पता नहीं है।स्वास्थ्य मंत्री पर जनता के साथ धोखा किए जाने का आरोप लगा उनकी अनुपस्थिति में निवास घेरने की घोषणा एक दिन पहले ही भाजपा ने की थी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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