प्रतापपुर (नईदुनिया न्यूज)। प्रतापपुर तहसील अंतर्गत ग्राम केंवरा के कटईपारा महान नदी में नियमों को ताक पर रख कर अंधाधुंध तरीके से रेत खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रतापपुर के ही एक रेत माफिया के द्वारा बिना खनिज विभाग की अनुमति के सैकड़ों ट्रैक्टर रेत का खनन कर कटईपारा में ही भंडारण किया जा रहा है। रेत को भंडारण स्थल तक ले जाने के लिए छह सौ रुपए प्रति ट्रिप के हिसाब से आस-पास के दर्जनों ट्रैक्टरों को लगाया गया है तथा महान नदी के जिस क्षेत्र से रेत निकाला जा रहा है वह क्षेत्र वन परिक्षेत्र प्रतापपुर के अंतर्गत आता है। इस अवैध कारोबार कीजानकारी प्रतापपुर के रेंजर पीसी मिश्रा को दी गई तो उन्होंने तत्काल डिप्टी रेंजर मान सिंह की अगुवाई में वन अमले को मौके पर भेजा। वन अमला मौके पर पहुंच पाता कि उससे पहले ही खनन स्थल पर रेत खनन से आक्रोशित हुए ग्रामीणों कि बढ़ती भीड़ को देखकर रेत खनन में लगे एक्सिवेटर और लोडिंग में लगे ट्रैक्टरों को नदी किनारे से हटा दिया गया। इस दौरान रेत से भरा एक ट्रेक्टर क्रमांक सीजी 15 सीवी 5246 वन अमले के हत्थे चढ़ गया जिसे डिप्टी रेंजर ने जब्त कर वन विभाग प्रतापपुर के परिसर लाकर खड़ा कर दिया है। विभाग द्वारा ट्रैक्टर को को राजसात करने की कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रतापपुर क्षेत्र की सबसे बड़ी नदी से वे अपनी फसलों की सिंचाई करते थे मगर रेत माफियाओं ने यहां रेत का अंधाधुंध खनन कर इस विशालकाय नदी को पूरी तरह से सुखा दिया है। अब फसलों की सिंचाई के लिए पानी न मिलने का संकट खड़ा हो गया है। रेत खनन से मना करते हैं तो रेत माफिया अक्सर उन्हें रेत से भरे वाहनों के नीचे दबाकर जान से मारने की धमकी देते हैं।

रेत माफिया लीज का कर रहे गलत इस्तेमाल-

रेत का कारोबार करने वाले खनिज विभाग से अधिकृत खदानों से रेत लेकर भंडारण करने का लीज लेते हैं। अवैध तरीके से खुद ही किराए पर वाहन लेकर जहां मर्जी वहां से रेत खनन के कार्य को अंजाम देते हुए रेत के भंडारण स्थल पर भारी मात्रा में रेत को डंप कराने का कार्य शुरू कर देते हैं और जब भारी मात्रा में रेत इनके भंडारण स्थल पर पहुंच जाता है तो फिर यह लोग अधिकृत खदानों रेत खरीदी के फर्जी बिल लेकर रेत को एक नंबर का बना लेते हैं । इस मामले में क्षेत्रवासियों द्वारा दर्जनों शिकायतें करने के बाद भी खनिज विभाग लंबे समय से चुप्पी साधे हुए है। खनिज अधिकारी संदीप नायक कभी भी रेत के भंडारण स्थल की जांच कर यह सुनिश्चित नहीं करते कि भंडारण स्थल पर जो रेत डंप हो रहा है वह खनिज विभाग द्वारा अधिकृत खदानों से ही आ रहा है या फिर कहीं अवैध तरीके से लाया जा रहा है। इस संबंध में जब खनिज निरीक्षक नायक से संपर्क किया गया तो उनका मोबाइल बंद मिला।

Posted By: Nai Dunia News Network

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