अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

स्वतंत्रता दिवस और रक्षा बंधन गुरुवार को एक ही दिन मनाया जाएगा। ऐसा संयोग वर्षों बाद आया है जब राष्ट्रीय पर्व और भाई-बहनों की अटूट रिश्ते एवं बेइतहां प्रेम, स्नेह का पर्व रक्षा बंधन एक साथ है। दोनों पर्व को लेकर भारी उत्साह का माहौल है। इस बार रंग-बिरंगी राखियों में भी स्वतंत्रता दिवस की छाप नजर आ रही है। तिरंगे की तरह रक्षासूत्र भी बाजार में जमकर बिक रहे हैं। एक ओर जहां ध्वजारोहण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी चल रही है तो दूसरी ओर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर लंबी उम्र की कामना करने की तैयारी में लगी हुई हैं। तरह-तरह के पकवान भी तैयार हो रहे हैं। देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत स्वतंत्रता दिवस तो मनाया ही जाएगा साथ ही हर धर्म के लोगों द्वारा राखी का पर्व मनाया जाता है यह भी एक अनूठी बात एक साथ देखने को मिलेगी।

रक्षा बंधन हिन्दू धर्म के बड़े त्यौहारों में से एक है किन्तु भाई-बहन के इस पर्व में हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, इसाई हर वर्ग के लोग शामिल होते हैं। खासकर कई मुस्लिम भाई भी अपनी हिन्दू बहन से रक्षासूत्र बंधवाकर उसकी रक्षा का संकल्प लेते हैं इसीलिए यह भाई-बहन के रिश्ते का अटूट पर्व माना जाता है। रक्षा बंधन सावन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस बार रक्षा बंधन का त्यौहार गुरुवार को पड़ रहा है। इस दिन स्वतंत्रता दिवस भी है,इसलिए इसका खास महत्व भी है। गुरुवार को रक्षा बंधन पड़ने के कारण इस दिन भद्राकाल नहीं पड़ रहा है और न ही पूर्णिमा तिथि होने के कारण कोई ग्रहण है। यही कारण है कि इस बार रक्षा बंधन को शुभ संयोग वाला बताया जा रहा है। अंबिकापुर के बाजार में रंग-बिरंगी राखियों की दुकान सप्ताह भर पहले से ही सजी हैं। बुधवार को विपरीत मौसम के बावजूद राखी के दुकानों में भारी भीड़-भीड़ रही। बहने अपने भाइयों के कलाई पर राखी बांधने तरह-तरह की पारंपरिक व फैंसी राखियां खरीदने में लगी थीं। देर रात तक शहर की राखी दुकानों में भीड़-भाड़ लगी रही। मिठाइयों की दुकानों में भी अच्छी खासी भीड़ नजर आई। वहीं गिफ्ट गैलरियों में भी भीड़-भाड़ रही।

सुबह 10.22 बजे से रात 8.08 बजे तक मुहुर्त

इस बार राखी बांधने का शुभ मुहुर्त सुबह 10.22 बजे से रात 8.08 बजे तक है। कुल अवधि नौ घंटे 46 मिनट मुहुर्त का है जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांध सकेंगी। पंडित महेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि इस बार कोई भद्रा नहीं है। राखी बांधने का भरपूर समय है। बहनें यदि दोपहर में अपने भाइयों को राखी बांधना चाहती हैं तो 1.06 बजे से 3.20 बजे तक राखी बांध सकती हैं। यह अपरा- का खास मुहुर्त है। इसके अलावे प्रदोष काल में भी राखी बांधने का खास मुहुर्त होता है। इस बार शाम 5.35 से रात 8.08 तक प्रदोष काल है।

Posted By: Nai Dunia News Network