अंबिकापुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोविड-19 महामारी के दौर में जेलों में प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला रक्षाबंधन का त्योहार इस बार नहीं मनाया जाएगा। जेल में निरुद्ध बंदी महिलाओं के भाइयों के लिए जेल प्रबंधन की ओर से राखियां उनके पते पर भेजवाई गई हैं, इसका भुगतान बंदी कल्याण निधि से किया जाएगा। वहीं दो सौ से अधिक बहनों के द्वारा जेल में बंद भाइयों के लिए राखियां भिजवाई गई हैं, जिसे सैनिटाइज कर बंदियों को दिया जाएगा। कोरोना महामारी के बीच जेल में भीड़ न हो, इसे देखते हुए रक्षाबंधन पर्व पर इस बार कतार में लगे भाई-बहनों का नजारा देखने को नहीं मिलेगा।

पहले बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए जेलों में आती थी, इस बार इस तरह का कोई भी आयोजन नहीं किए जाने से जेल में निरुद्ध भाई-बहनों को निराश होना पड़ेगा। केंद्रीय जेल के अधीक्षक राजेंद्र गायकवाड़ ने बताया कि जो बहनें भाइयों के लिए डाक द्वारा राखियां भेजेंगी, उन्हें सैनिटाइज करके बंदियों को देने के निर्देश दिए गए हैं। तीन अगस्त को रक्षाबंधन त्यौहार के मौके पर सभी केंद्रीय जेलों में प्रातः सुबह सात बजे से लेकर शाम सात बजे तक प्रिजन कालिंग सिस्टम से बंदी भाई-बहनों से बात कराई जाएगी। जिन जेलों में प्रिजन कालिंग सिस्टम लगे हैं, वहां पर बात कराने के पूर्व बंदियों के हाथों को सैनिटाइज कराया जाएगा। सिस्टम को भी एक बंदी से बात कराने के बाद हर बार सैनिटाइज कराया जाएगा। बंदी मास्क लगाकर ही बात करेंगे। कोविड-19 के सभी प्रोटोकाल को अपनाया जाए, इसका ध्यान रखा जाएगा। प्रदेश की 16 उप जेलों में मोबाइल फोन के माध्यम से बंदियों के परिजनों से बात कराने की सुविधा और अनुमति दी गई है। आवश्यक होने पर व्हाट्सएप कालिंग के माध्यम से भी उनकी बहनों से बात कराई जा सकती है। सभी सर्किल जेल अधीक्षक अपने सर्किल की आने वाली जेलों में उचित व्यवस्था का पर्यवेक्षण भी करेंगे, आवश्यकता पड़ने पर उचित निर्देश भी देंगे। जेल के बाहर राखी तथा अन्य सामान लेने के लिए कोई काउंटर नहीं बनाया जाएगा। जेल अधीक्षक ने दिए गए निर्देशों के पालन में कहा है कि कोरोना संक्रमण से सुरक्षा सर्वोपरि है, इसका ध्यान रखा जाए।

160 बंदी बहनों के भाइयों के लिए भेजी राखी

केंद्रीय जेल अंबिकापुर में वर्तमान में 2148 बंदी हैं, जिनमें से 160 महिलाएं हैं। बंदी महिलाओं के भाइयों के लिए जेल प्रबंधन की ओर से लिफाफे में पैक राखियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाओं के साथ विभिन्न माध्यमों से भिजवाया गया है। इसका भुगतान बंदी कल्याण निधि से किया जाएगा। लॉकडाउन में परिवहन की समस्या होने से राखियों को भेजने में असुविधा जैसी स्थिति भी बन रही है। फिर भी प्रबंधन का प्रयास है कि जेल में बंद बहनों का स्नेह बंधन समय पर उन भाइयों तक पहुंच जाए, जिसका उन्हें इंतजार रहता है।

मुख्य बिंदु

0 सुबह सात से शाम सात बजे तक प्रिजन कालिंग से बंदियों की हो सकेगी भाई-बहनों से बात।

0 डाक से मिलने वाली राखियां सैनिटाइज होने के बाद बंधेगी बंदियों की कलाई में।

0 जेल के बाहर राखी या अन्य कोई सामान रखने नहीं बनेगा काउंटर।

Posted By: Nai Dunia News Network

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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