अंबिकापुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

संभाग मुख्यालय अंबिकापुर स्थित सीएफ कार्यालय के सभागार वनश्री में गुरूवार से वानिकी पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। जबलपुर स्थित उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने अपने व्याख्यान में कम लागत में पौधे एवं नर्सरी तैयार करने की तकनीक बताई। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन शुक्रवार को होगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सीसीएफ एबी मिंज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जबलपुर उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान से वैज्ञानिक डा. गीता जोशी, डा. अरूण कुमार, डा. पवन राणा, डा. एससी विश्वास, डा. एसएन मिश्रा, आरबी मांझी एवं वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी हैरी एंथोनी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम ने वानिकी पर अपने व्याख्यान दिए। डा. पवन राणा ने वन रोपणी एवं प्लांटेशन के दौरान एकीकृत प्रबंधन पर जानकारी दी। डा. गीता जोशी ने बताया कि यदि हम कीटों की रोकथाम कर लें तो विशेष लाभ होगा। डा. अरूण कुमार ने चंदन की खेती की संभावनाओं पर अपने विचार रखे। डा. विश्वास ने छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण वनोषधि पर व्याख्यान देते हुए उनके उपयोग पर जोर दिया। डा. मिश्रा ने जैविक उर्वरकों के उत्पादन एवं उसके उपयोग की जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने कहा कि हम पौधों को पेड़ बनाने व नर्सरी को जंगल के रूप में तैयार करने में थोड़े तकनीक का इस्तेमाल करें तो कम लागत से यह उपलब्धि पा सकते हैं। शुक्रवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन मौके पर डा. ननीता बेरी, डा. गीता जोशी, आरबी मांझी एवं डा. रविंद्र तिग्गा द्वारा अलग-अलग विषयों पर व्याख्यान दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डीएफओ पंकज कुमार कल एवं जबलपुर के वैज्ञानिक डा. एसएन मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में बलरामपुर डीएफओ डा. प्रणय मिश्रा, जशपुर डीएफओ कृष्ण जाधव, सूरजपुर डीएफओ जेआर भगत, प्रशिक्षु आईएफएस अभिषेक जोगावत, संयुक्त वनमंडलाधिकारी एसएन मिश्रा, एसबी पांडेय, उपवनमंडलाधिकारी विजेंद्र सिंह ठाकुर, रेंजर राकेश कुमार रावत, धर्मजीत पटेल, महाजन लाल साहू, फेंकू प्रसाद चौबे, सपना मुखर्जी, अनिता साहू सहित सरगुजा वनवृत्त के वनपाल, वनरक्षक, नर्सरी प्रभारी एवं एनजीओ के सदस्य उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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