अंबिकापुर।(नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के पुराना बस स्टैंड सहित कई स्थान हैं जहां गोलबाजार और व्यावसायिक कांप्लेक्स बनाने की योजना है।ये योजनाएं फाइलों में दबी हुई है। राज्य शासन से इसके लिए बड़ी राशि नहीं मिल पा रही है। ऐसे में नगर निगम को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप माडल अपनाना होगा। शहर के व्यवसायियों से ही राशि लेकर कांप्लेक्स का निर्माण किया जा सकता है। शहर के व्यवसायी भी इसके लिए तैयार हैं पर नगर निगम की ओर से अभी तक पहल नहीं की गई है।

नगर निगम अंबिकापुर की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए शहर में व्यावसायिक कांप्लेक्स का निर्माण बहुत जरूरी है। नगर निगम के पास इतनी राशि नहीं की शहर में कहीं बड़ा व्यावसायिक परिसर का निर्माण कर सकें।इसको लेकर शासन को भी कई बार प्रस्ताव भेजा गया किंतु इस पर अमल नहीं हो पाया। 10 वर्ष पूर्व नगर के पुराना बस स्टैंड को यहां से शिफ्ट कर दिया गया और पूरा परिसर खाली हो गया। इन 10 वर्षों में ऐसी कोई कार्ययोजना नहीं बन पाई ताकि यहां नए सिरे से व्यावसायिक परिसर विकसित किया जा सके। कई बार यह चर्चा में आया कि इसे गोलबाजार बनाया जाएगा।

जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों का निरीक्षण का दौर भी चलता रहा। अखबारों में यह भी सुर्खियों में रहा कि अब इसे गोल बाजार बनाया जाएगा किंतु इतने वर्षों में नींव तक नहीं रखी जा सकी है। शहर के व्यवसायी भी इसे पीपीपी माडल में व्यावसायिक परिसर बनाने के पक्षधर हैं किंतु नगर निगम की ओर से कोई कार्य योजना न बनाए जाने के कारण गोल बाजार व व्यावसायिक परिसर का सपना अधूरा रह गया है। शहर के पुराने बस स्टैंड के साथ कई ऐसे ही स्थान खाली पड़े हैं जहां पर छोटे बड़े व्यवसायियों को इसका निर्माण कर लोगों के सहयोग से निर्माण करा कर नगर निगम का राजस्व बढ़ाया जा सकता है। जरूरत है इस पर समग्र योजना बनाने की।

शहर के बाहरी वार्डों में भी बने व्यावसायिक परिसर-

शहर में एकमात्र बड़ा व्यावसायिक परिसर देवीगंज रोड पर स्थित है जो पुराने नगर निगम भवन को तोड़कर बनाया गया था। बीच शहर में होने के बावजूद यहां व्यावसायिक परिषर की स्थिति काफी चिंताजनक थी। अब जाकर यह यहां बाजार फल फूल रहा है। नगर निगम को शहर के बाहरी क्षेत्रों में भी व्यावसायिक परिसर का निर्माण कराया जाना चाहिए। शहर के बड़ी आबादी वाले गांधीनगर क्षेत्र में कई निजी व्यवसायिक परिसर सफल हो चुका है, ऐसे में नगर निगम के पास भूमि की उपलब्धता है जहां योजना बनाकर पीपीपी माडल से व्यावसायिक परिसर का निर्माण हो सकता है।

हम भी पीपीपी माडल के पक्षधर-शफी अहमद

छत्तीसगढ़ श्रमिक कल्याण मंडल के अध्यक्ष व नगर निगम के लोक निर्माण विभाग के प्रभारी शफी अहमद ने कहा कि हम भी पीपीपी माडल के पक्षधर हैं। व्यवसायियों से चर्चा कर हम इस दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। शहर में व्यवसायिक कांप्लेक्स हम इसी माडल पर बनाएंगे। हमने इस दिशा में प्रयास भी शुरू किया है। आने वाले दिनों में निश्चित रूप से शहर में पीपीपी माडल पर काम दिखने लगेगा। इससे नगर निगम की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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