अंबिकापुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)।मेडिकल कालेज अंबिकापुर के छात्र-छात्राओं ने बुधवार को अपमानजनक व्यवहार को लेकर जमकर आपत्ति दर्ज कराई।पहले तो वे कार चालक उस युवक के पास पहुंचे जिसने मंगलवार की रात उनके साथ दुर्व्यवहार किया था फिर सीधे कोतवाली पहुंच मामले की मौखिक शिकायत की।मेडिकल छात्र ,अपराध दर्ज कराना नहीं चाह रहे थे लेकिन कथित रूप से जिसने उनके साथ बदतमीजी की ,उससे माफी मंगवाने के लिए अड़े हुए थे।पुलिस ने छात्र-छात्राओं की बात सुनने के बाद मामले को शांत कराया।

बुधवार की शाम ब्रम्ह रोड के समीप भीड़ देखकर वहां से गुजर रहे पुलिस कर्मियों ने कारण जानना चाहा तो पता चला कि सभी मेडिकल।कालेज के छात्र-छात्राएं हैं।इनमें से कई पूर्णकालिक चिकित्सक भी बन चुके है और कुछ अभी पढ़ाई कर रहे है।ये सभी उस युवक के पास पहुंचे थे जिसने कथित रूप से मंगलवार की रात उनके साथ अभद्रता की थी लेकिन वह माफी मांगने तैयार नहीं था और अपने दोस्त की दुकान में आकर बैठा था।रास्ते से गुजर रहे पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों ने सड़क किनारे खड़े रहने से अच्छा कोतवाली में जाने की सलाह दी।जिस पर सभी छात्र-छात्राएं वहां से सीधे कोतवाली पहुंच गए।यहां नगर निरीक्षक भारद्वाज सिंह को उन्होंने बताया कि मंगलवार को लगभग दो दर्जन चिकित्सक और चिकित्सा छात्र मोटरसाइकिल से विश्रामपुर की ओर निकले थे।साथ पढ़ने वाले का जन्म दिन था।उसी दौरान दो कार में सवार लोगों ने असुरक्षित तरीके से उनका पीछा किया।जिस होटल में गए वहां जाकर भी अपमानजनक व्यवहार किया।छात्रों का आरोप था कि कार चालक एक युवक तो उनके समानांतर गाड़ी चलाते हुए परेशान करता रहा।एक स्थान पर आखिरकार उसने एक मोटरसाइकिल को टक्कर भी मार दी,जिससे एक छात्रा को चोट भी आई और मोटरसाइकिल को भी नुकसान हुआ।घटना से सभी छात्र-छात्राएं डर गई थी,उन्हें सुरक्षित वापस आने की चिंता सताने लगी थी।इनकी मांग एफआइआर दर्ज कराने की नहीं बल्कि उस युवक से माफी मंगवाने की थी।छात्र-छात्राओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नगर निरीक्षक भारद्वाज सिंह ने समझाइश दी कि रात में ही सूचना देनी थी।जिस पर आरोप लगा रहे है उसके पास जाने से अच्छा पुलिस और अपने प्रबंधन से मदद लेनी चाहिए थी।आखिरकार छात्र-छात्राओं की मांग पर युवक के कुछ स्वजन पहुंचे थे।दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद मामला किसी तरह शांत हुआ।

स्थापना के बाद पहली बार

अंबिकापुर मेडिकल कालेज की स्थापना के बाद पहली बार यहां के छात्र-छात्राओं को शहर और थाने में एक साथ देखा गया।इसके पहले तक ऐसी परिस्थिति कभी नहीं बनी थी जबकि यहां से एमबीबीएस की पढ़ाई और एक वर्ष की इंटर्नशिप करने के बाद एक बैच के 94 चिकित्सक बन चुके है।पहली बार नए चिकित्सक और मेडिकल छात्र-छात्राओं को लामबंद देखा गया है।जिन शिकायतों को लेकर सभी पहुंचे थे वह घटना मंगलवार रात की है।रात को घूमने और सहपाठी का जन्मदिन मनाने सभी मोटरसाइकिल से ही निकले थे।

वर्जन

जिस युवक की शिकायत लेकर छात्र-छात्राएं आए थे,उनके स्वजन भी थाने पहुंचे थे।दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद मामले का पटाक्षेप हो गया है।छात्र-छात्राएं एफआइआर दर्ज कराना भी नहीं चाह रहे थे।उन्हें समझाइश देकर भेज दिया गया है।

भारद्वाज सिंह

नगर निरीक्षक

कोतवाली अंबिकापुर

वर्जन

मेरे संज्ञान में अधिकारिक तौर पर यह प्रकरण नहीं लाया गया है और न ही कोई छात्र किसी प्रकार की शिकायत करने पहुंचा है।

डा रमनेश मूर्ति

डीन,मेडिकल कालेज अंबिकापुर

Posted By: Nai Dunia News Network

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