राजपुर। नईदुनिया न्यूज

झारखंड के गढ़वा से अंबिकापुर आना-जाना करने वाली बस के कंडक्टर व क्लीनर द्वारा नशे के रूप में उपयोग की जाने वाली दवाइयों की तस्करी किए जाने का पर्दाफाश हुआ है। बलरामपुर जिले की बरियो पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बस को रोक जांच की तो अलग-अलग दो बैग में क्रमशः 153 और 127 नग नशीली कफ सिरप बरामद हुई। पुलिस ने कंडक्टर व क्लीनर को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है ।

बरियो चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रूपेश नारंग ने बताया कि उत्तरप्रदेश व झारखण्ड से जुड़ा होने के कारण जिले में स्वतंत्रता पर्व के दौरान वाहन चेकिंग का अभियान चलाया जा रहा था। पिछले कुछ दिनों से मुखबिर से सूचना मिल रही थी कि झारखंड के गढ़वा से अंबिकापुर आने जाने वाली कुछ बसों में नशीली दवाइयों की खेप अंबिकापुर ले जाई जाती है। पुख्ता जानकारी के लिए बलरामपुर जिले की बरियो पुलिस ने जाल बिछाया था और यह जानने के प्रयास में लगी हुई थी कि किन-किन बसों में यह अवैध कारोबार किया जा रहा है। इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली की गढ़वा से अंबिकापुर जाने वाली गुप्ता बस के कंडक्टर झारखण्ड के चैनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पुरुबड़िहा निवासी अरविंद दुबे पिता राजेश दुबे व क्लीनर कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम नीलकंठपुर निवासी अनूप मिंज पिता प्रभराम मिंज 20 वर्ष द्वारा बैग में भरकर नशे के रूप में उपयोग की जाने वाली कफ सिरप अंबिकापुर ले जाई जाती है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने चौकी के पास बस को रुकवाया और पूछताछ शुरू की तो कंडक्टर, क्लीनर ने साफ इंकार कर दिया। पुलिस ने जब बस की डिग्गी को खोलवा उसमें रखे बैगों की जांच शुरू की तो दो बैग में नशीली कफ सिरप मिली। जब कंडक्टर व क्लीनर से सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने स्वीकार कर लिया कि वे ही गढ़वा से कम कीमत पर नशे के रूप में उपयोग की जाने वाली कफ सिरप की खरीदी कर अंबिकापुर में ऊंचे दाम में बिक्री के लिए ले जा रहे थे। पुलिस ने दोनों बैग को जब्त कर कंडक्टर व क्लीनर को गिरफ्तार कर लिया। कंडक्टर अरविंद दुबे के बैग में 153 तथा क्लीनर अनूप मिंज के बैग से 127 नाग कफ सिरप भरा हुआ था। एक कप सिरप में 100 एमएल दवा थी प्रत्येक सिरप की बोतल में 115 रुपये दर लिखा हुआ था। कुल जब्ती 32000 रुपये से अधिक की बताई जा रही है। कार्रवाई में बरियो चौकी प्रभारी उप निरीक्षक रूपेश नारंग, सहायक उप निरीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक शशि शेखर तिवारी, अभिषेक दुबे, आरक्षक रिंकू गुप्ता, शैलेंद्र तिवारी, शिवलाल कुजूर, मुकेश गुप्ता, बबलू बेक, नागेंद्र पांडेय, मिथिलेश पाठक, अनुपमा कपूर, पूनम पैकरा शामिल रहे। विदित हो कि सरगुजा अंचल में झारखंड के गढ़वा सहित अन्य शहरों से नशीली कफ सिरप लाकर अंबिकापुर सहित आसपास के इलाकों में खपाए जाने का मामला पहले भी सामने आ चुका है। नशेड़ी युवाओं द्वारा इस अवैध कारोबार से कमाई किए जाने की पुष्टि भी हो चुकी है। अंबिकापुर शहर में भी झारखंड से लाया गया नशीला कफ सिरप जब्त हो चुका है लेकिन आज तक न तो सरगुजा पुलिस और न ही बलरामपुर पुलिस द्वारा झारखंड के गढ़वा स्थित मेडिकल स्टोर में जाकर जांच करने का प्रयास किया गया है कि नियम विरूद्ध तरीके से इतनी अधिक संख्या में कफ सिरप वे कैसे बिक्री कर देते हैं। आज तक पुलिस इन मामलों के तह तक नहीं पहुंच सकी है।

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