अम्बिकापुर। झारखंड सरहद से लगे बलरामपुर जिले के चुनचुना पुनदाग इलाके में बीच-बीच में नक्सलियों द्वारा वाहनों और मशीनरी में आग लगाए जाने की घटना को डीजीपी डीएम अवस्थी ने गंभीरता से लिया है। डीजीपी का पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार संभाग मुख्यालय अंबिकापुर पहुंचे डीजीपी अवस्थी ने सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रतनलाल डांगी और पुलिस अधीक्षक बलरामपुर टीआर कोसीमा के साथ बैठकर नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाने की रणनीति तैयार की है।

रणनीति के तहत आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बल भी उपलब्ध कराया जाएगा, और झारखंड पुलिस से भी मदद ली जाएगी। इस पूरे ऑपरेशन की जवाबदारी सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रतनलाल डांगी को दी गई है जो कम से कम 3 दिनों तक बलरामपुर में बैठकर इस बड़े ऑपरेशन की निगरानी करेंगे। एक माह के भीतर डीजीपी दूसरी बार सीधे बलरामपुर पहुंचेंगे और ऑपरेशन की समीक्षा कर उस अनुरूप आगे की रणनीति तैयार करेंगे।

बलरामपुर जिले के चुनचुना पुंदाग क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की पहुंच आसान करने के लिए जहां प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत पुलिस सुरक्षा में लगभग 22 किलोमीटर पक्की सड़क का निर्माण कराया जा रहा है वहीं नक्सली इस सडक को बनने देना नहीं चाह रहे हैं। सड़क बन जाने से नक्सलियों को इस क्षेत्र से भी भागना पड़ेगा।

यही वजह है कि निर्माण कार्य में लगे वाहनों और मशीनरी को वे मौका मिलते ही आग लगा रहे हैं। पूर्व में तो एक बार नक्सलियों ने सब इंजीनियर व ठेका कंपनी के मुंशी का अपहरण भी कर लिया था। समूचे सरगुजा रेंज में सामरी थाना क्षेत्र के चुनचुना पुनदाग इलाके में ही नक्सलियों की आमदरफ्त शेष बची है। यहां से भी नक्सलियों को खदेड़ने की आवश्यकता को देखते हुए डीजीपी डीएम अवस्थी ने अंबिकापुर प्रवास के दौरान पिछले दिनों हुए घटना की विस्तृत समीक्षा की।

एसपी बलरामपुर टीआर कोसीमा ने नक्सलियों के खिलाफ जारी अभियान और पिछले दिनों हुए घटनाक्रम के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। डीजीपी ने बताया कि झारखंड का बूढ़ा पहाड़ वर्षों से नक्सलियों की शरण स्थली के रूप में जाना जाता है। बूढ़ा पहाड़ का कुछ इलाका छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से भी जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि बीच-बीच में नक्सली ऐसी घटना कारित कर रहे हैं।

इलाके में फोर्स की मौजूदगी के लिए ही बंदरचुआ में कैंप खोला गया है। इसके बाद भी घटना हुई है। अब ऐसी घटना ना हो इसके लिए अभियान चलाने की आवश्यकता है। डीजीपी ने बताया कि उन्होंने सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रतनलाल डांगी को नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए हैं। वे खुद बलरामपुर में दो-तीन दिन बैठेंगे और नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाएंगे। ऑपरेशन के लिए अतिरिक्त बल की आवश्यकता होगी तो उसे भी उपलब्ध कराया जाएगा।

डीजीपी डीएम अवस्थी ने कहा कि बलरामपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सलियों द्वारा छिटपुट कार्य की जा रही घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जरूरी है कि नक्सलियों को मार गिराया जाए। जब तक नक्सली मारे नहीं जाएंगे तब तक मौका मिलते ही ऐसी घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में रहेंगे। उन्होंने कहा कि बूढा पहाड़ में नक्सलियों की मौजूदगी की खबर रहती है। अब झारखंड पुलिस से भी इस बड़े ऑपरेशन में मदद ली जाएगी।

डीजीपी ने बताया कि उनकी कोशिश पखवाड़े भर के भीतर जिला मुख्यालय बलरामपुर में आने की होगी। यदि एक पखवाड़े में वे नहीं भी आ पाए तो 1 महीने के भीतर वे बलरामपुर पहुंचेंगे और नक्सलियों के खिलाफ आरंभ किए गए अब ऑपरेशन की खुद समीक्षा करेंगे। जो भी कमियां सामने आएंगी उन्हें तत्काल दूर किया जाएगा, लेकिन नक्सलियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाकर ऐसी घटनाओं को पूरी तरह से रोकने की कोशिश की जाएगी।

Posted By: Himanshu Sharma

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