अंबिकापुर । संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा में कुलपति पद को लेकर प्रबंधन अभी भी असमंजस में हैं। अवकाश के बाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंचे कुलसचिव विनोद एक्का ने आगंतुक कक्ष के बाहर भी ताला जड़ दिया है। उनका कहना है कि हाईकोर्ट का आदेश लेकर जो भी पहुंचेंगे, उस आदेश के अनुरूप विधि वेत्ताओं से जानकारी ली जाएगी। उसके बाद संबंधित को कुलपति का कार्यभार ग्रहण कराया जाएगा। कुलसचिव ने स्पष्ट कहा है कि प्रोफेसर रोहिणी प्रसाद ने कुलपति का कार्यभार ग्रहण नहीं किया था।

पदभार ग्रहण करने की सिर्फ लिखित सूचना उन्होंने दी थी। सोमवार को न तो प्रोफ़ेसर रोहिणी प्रसाद और न ही प्रोफेसर अशोक सिंह ही विश्वविद्यालय पहुंचे। प्रो रोहिणी प्रसाद तीन दिनों तक आगंतुक कक्ष में ही बैठे थे जबकि कुलपति कक्ष का ताला लगाकर चाबी प्रोफेसर अशोक सिंह साथ ले गए हैं।

प्रो अशोक सिंह ने बताया था कि वे सोमवार को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंचेंगे। विश्वविद्यालय का कामकाज पूर्ववत जारी रहेगा। उन्होंने यहां तक दावा किया था कि राज्य सरकार और उनकी याचिका पर छह जुलाई को सुनवाई होनी है। उसके पहले हाईकोर्ट ने पूर्व में जारी आदेश पर रोक लगा दी है लेकिन वे सोमवार को भी विश्वविद्यालय नहीं पहुंचे,इधर अवकाश के बाद कुल सचिव विनोद एक का विश्वविद्यालय आने लगे हैं। कुलसचिव के आने के बाद प्रशासनिक कामकाज पटरी पर लौटने लगा है।

यह था मामला

पिछले हफ्ते संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में कुलपति पद को लेकर असमंजस की स्थिति निर्मित हो गई थी। धारा 52 के तहत राज्य सरकार द्वारा हटाए गए तत्कालीन कुलपति प्रोफ़ेसर अशोक सिंह हाईकोर्ट का आदेश और राजभवन की चिट्ठी लेकर पदभार ग्रहण करने पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने कुलपति का प्रभार ग्रहण कर लिया है इधर अब तक कुलपति का कार्यभार संभाल रहे प्रोफेसर अशोक सिंह कुलपति कक्ष में ताला लगाकर वाहन सहित चले गए थे। तीन दिनों तक प्रोफेसर रोहिणी प्रसाद आगंतुक कक्ष में ही बैठे थे। इस विवाद के बीच कुलसचिव विनोद एक्का का स्वास्थ्य बिगड़ गया था।उन्हें अंबिकापुर के मिशन अस्पताल में भी दाखिल कराया गया था। प्रोफेसर अशोक सिंह और राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में अपील दायर की गई है।

वेतन भुगतान में आएगी दिक्कत

कुलपति पद को लेकर असमंजस की स्थिति के बीच संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में कार्यरत अधिकारियों,कर्मचारियों का वेतन भुगतान अटक सकता है। बताया जा रहा है कि प्रतिमाह 30 से 32 लाख रुपए का वेतन अधिकारी व कर्मचारियों को भुगतान करना पड़ता है, इसके लिए कुलपति से अनुमति लेनी होती है लेकिन अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का 80 फीसद भुगतान भी बचा हुआ है हालांकि कुलसचिव के आ जाने से प्रशासनिक कामकाज आरंभ हो गया है।

हाईकोर्ट का आदेश लेकर जो भी पहुंचेंगे,उस आदेश पर विधि विशेषज्ञों से सलाह ली जाएगी,उसी के बाद कुलपति पद पर कार्यभार ग्रहण कराया जाएगा। प्रो रोहिणी प्रसाद ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया था सिर्फ कार्यभार ग्रहण करने के लिए लिखित सूचना दी थी।कार्यभार ग्रहण कराने की एक प्रक्रिया होती है।

विनोद एक्का

कुलसचिव, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा

Posted By: Yogeshwar Sharma

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