अंबिकापुर।(नईदुनिया प्रतिनिधि)

सरगुजा जिले में शीर्ष नेताओं से लेकर जमीनी स्तर के छोटे नेताओं के बीच भी गुटबाजी चरम पर है। नेताओं के बीच की गुटबाजी के शिकार अब जिले के अधिकारी भी हो रहे हैं। अधिकारियों को छोटे-छोटे मामले में मंत्री स्तर से दबाव आता है और स्कूल के शिक्षकों व प्राचार्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है। ऐसी स्थिति में अधिकारी भी सरगुजा जिले की ऐसी स्थिति से असमंजस में हैं। ताजा मामला मैनपाट विकासखंड का है।यहां हाल ही में कमलेश्वरपुर हायर सेकेंडरी स्कूल में शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया था जिसमें यहां के प्रभारी प्राचार्य ने मैनपाट के सभी जनप्रतिनिधियों को मौखिक व लिखित रूप से आमंत्रित किया था। आयोजन में कांग्रेस नेता व सीतापुर जनपद उपाध्यक्ष के साथ मैनपाट ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शामिल हुए। अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि भी प्रवेश उत्सव में पहुंचे थे किंतु क्षेत्रीय विधायक व प्रदेश सरकार के खाद्य मंत्री के समर्थक गौ सेवा आयोग के सदस्य एक अन्य जनपद सदस्य व जिला पंचायत सदस्य नहीं पहुंच सके, किंतु इसकी शिकायत जरूर मंत्री तक पहुंचा दी गई। मंत्री ने अपने समर्थकों की बातें सुन जिला शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी मैनपाट को फटकार लगाई।मंत्री के फटकार के बाद स्कूल के प्रभारी प्राचार्य और एक व्याख्याता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। जिला शिक्षा अधिकारी के साथ विकास खंड शिक्षा अधिकारी ने कांग्रेस की गुटबाजी के बीच प्रभारी प्राचार्य और स्कूल के एक व्याख्याता को नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब मांगा और यह भी आरोप लगा दिया कि आपका यह कृत्य भेदभाव पूर्ण है और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के विपरीत है।हालांकि स्कूल के प्रभारी प्राचार्य और व्याख्याता ने तीन दिन के भीतर जवाब भी प्रस्तुत कर दिया है। प्रभारी प्राचार्य शिक्षक ने अधिकारियों के नोटिस पर जवाब तो प्रस्तुत कर दिया पर कांग्रेस की आपसी गुटबाजी ने छोटे-छोटे आयोजनों को विवादित बना डाला है। इस संबंध में बताया जा रहा है कि शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल कमलेश्वरपुर मैनपाट में एक जुलाई को शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया था जिसमें क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया किंतु आयोजन में सीतापुर जनपद उपाध्यक्ष व कांग्रेस नेता शैलेश सिंह,मैनपाट के ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बलराम यादव व अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बताया जा रहा है प्रभारी प्राचार्य व शिक्षकों ने क्षेत्र के अन्य जनपद पंचायत के सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, गौ सेवा आयोग के सदस्य को आमंत्रित किया गया था किंतु किसी कारणवश आयोजन में शामिल नहीं हो सके, जो अतिथि स्कूल पहुंचे उन्हीं से बच्चों का स्वागत, सत्कार कराया गया। पाठ्य पुस्तक व अन्य सामग्री प्रदान की गई।आयोजन के कई दिनों बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।

बताया जा रहा है क्षेत्र के विधायक व प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं मैनपाट के विकास खंड शिक्षा अधिकारी को कड़े दिशा निर्देश दिए और नाराजगी भी जताई।लिहाजा जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने कमलेश्वरपुर स्कूल के प्रभारी प्राचार्य संजीव कुमार व व्याख्याता नील राम बरेठ को नोटिस जारी कर दिया। शिक्षा अधिकारियों ने प्रभारी प्राचार्य और व्याख्याता को जारी नोटिस में कहा कि जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया था जिससे इनमें रोष है। आपका यह कृत्य भेदभाव पूर्ण है व छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के विपरीत है। तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण दें, न देने पर आप इसके जिम्मेदार स्वयं होंगे। यह बताना होगा कि मैंनपाठ के एक छोटे से आयोजन को लेकर कांग्रेस के ही जनप्रतिनिधियों व नेताओं के बीच वह भी निचले स्तर पर इतनी गुटबाजी है कि किसी दूसरे गुट के जनप्रतिनिधि और नेताओं को कहीं अतिथि बनने का मौका मिला तो दूसरे गुट को नागवार गुजरता है। कांग्रेस की यह गुटबाजी अब धरातल पर नजर आने लगी है जिसमें अधिकारी भी अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो गए हैं। अधिकारियों को अपने अधीनस्थों को नोटिस जारी कर जवाब तलब करना पड़ रहा है। इससे स्कूल के वातावरण पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। प्राचार्य शिक्षक भी हतोत्साहित हो रहे हैं। यह स्थिति पूरे जिले की है। शाला प्रवेश उत्सव काग्रेस के जनप्रतिनिधि और नेताओं के बीच गुटबाजी का आयोजन बनकर रह गया है।

हर आयोजन में गुटबाजी-

सरगुजा जिले के जिला स्तरीय आयोजन हो या फिर विकासखंड स्तरीय कोई शासकीय आयोजन। हर जगह कांग्रेस नेताओं में गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है। आयोजनों में कुर्सियों पर आगे बैठने की होड़ सी मची हुई है। विडंबना तो यह है कि ऐसे छूटभैये नेता भी बड़े आयोजनों में वरिष्ठ नेताओं की परवाह किए बगैर मंच पर आगे की कुर्सियों पर जमे होते हैं।वरिष्ठ अधिकारियों को भी कई बार इसको लेकर हस्तक्षेप करना पड़ता है। यह स्थिति प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सरगुजा आगमन के दौरान भी लोग देख चुके हैं।

बयान-

कमलेश्वरपुर हायर सेकेंडरी स्कूल के शाला प्रवेश उत्सव में सभी जनप्रतिनिधियों को प्रभारी प्राचार्य ने मौखिक रूप से आमंत्रित किया था। कुछ लोग पहुंचे, कुछ नहीं पहुंच पाए किंतु बाद में इसकी शिकायत हुई तो नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। जवाब आ चुका है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई होगी।

एसडी पांडेय

बीईओ,मैनपाट

Posted By: Nai Dunia News Network

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