अंबिकापुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अंबिकापुर-पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग पर शहर के खरसिया चौक से दरिमा मोड़ तक सड़क की दुर्गति की मुख्य वजह महामाया पहाड़ क्षेत्र से आने वाला बारिश के पानी का तेज बहाव है। लगभग 650 मीटर में पहाड़ के पानी की वजह से सड़क पूरी तरीके से जर्जर हो चुकी है। तीन करोड़ रुपये से सड़क चौड़ीकरण और नवनिर्माण का काम स्वीकृत होने के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण इसे पूरा नहीं कर सका है। अब सड़क को बनाने से पहले मजबूत नाला का निर्माण कराया जाएगा ताकि महामाया पहाड़ का पानी सड़क पर न आ सके। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की पहल पर राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है। पूर्व में स्वीकृत कार्यों में से कुछ कार्यों को कम कर उसी राशि से पक्का नाला बनाने का काम बरसात के बाद शुरू किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की मानें तो बरसात में पहाड़ के पानी के तेज बहाव के कारण लगभग 650 मीटर लंबी सड़क की जीएसबी भी कमजोर हो चुकी है, इसलिए प्राथमिकता क्रम में पक्का नाला को रखा गया है। जब तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर महामाया पहाड़ के पानी को आने से रोकने का इंतजाम नहीं हो जाता, तब तक नवीन सड़क निर्माण का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि अगली बारिश में फिर सड़क जर्जर हो जाएगी। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण द्वारा सड़क का क्षति के लिए जिम्मेदार बारिश के पानी को रोकने के लिए चार स्थानों पर पाइप कलवर्ट भी बनाया जाएगा ताकि किसी एक स्थान पर पानी का दबाव ज्यादा न हो और मूसलाधार बारिश होने के बाद भी जलभराव की स्थिति निर्मित न हो सके।

शहर का प्रमुख व्यवसायिक क्षेत्र-

खरसिया चौक से लेकर दरिमा मोड़ तक का इलाका शहर का प्रमुख व्यवसायिक क्षेत्र बन चुका है। राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर किराना, बिल्डिंग मटेरियल, खाद-बीज के बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। थोक कारोबारियों का व्यवसाय होने के कारण दिनभर मालवाहकों की आवाजाही भी होती है। लोडिंग-अनलोडिंग का काम भी चलता है। उधड़ चुकी सड़क पर बने गड्ढों में भरा पानी व्यवसायियों के लिए भी बड़ी समस्या बनकर उभरी है।

अधूरे काम से समस्या बढ़ी-

फोटो 28-बारिश के बाद सड़क पर पानी का तेज बहाव

अंबिकापुर के खरसिया चौक से दरिमा मोड़ तक एक ओर सड़क चौड़ीकरण का काम पूरा कर लिया गया था। दूसरी ओर काम पूरा नहीं होने और पहाड़ का पानी आने के कारण दुकानों में प्रवेश करना भी मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर व्यवसायियों ने मजबूरी में दुकानों के सामने के हिस्से को पाट दिया है। पानी का तेज बहाव होने के कारण दुकान में प्रवेश करने के लिए लकड़ी और लोहे के चादर भी लगाए गए हैं।

सड़क उन्नयन का प्रस्ताव-

0 खरसिया चौक से दरिमा मोड़

0 कुल लंबाई-1.500 मीटर

0 अनुमानित लागत-तीन करोड़

0 सड़क की चौड़ाई-15 मीटर

0 पक्का नाला-650 मीटर

भविष्य में निगम कर सकेगा विकसित-

खरसिया चौक से दरिमा मोड़ तक एक ओर पक्का नाला बन जाने के बाद सड़क की पार्किंग लाइन निर्धारित हो जाएगी। वर्तमान में स्वीकृत राशि से सड़क के दोनों ओर वाइंडनिंग और बीच के हिस्से में डामरीकरण हो जाएगा। फिर पूरे सड़क में मरम्मत का काम वार्षिक मरम्मत मद की राशि से हो जाने से दिक्कत नहीं होगी। भविष्य में नगर निगम चाहे तो शहर के भीतर सड़क होने के कारण इसे और विकसित कर रोड लाइट की व्यवस्था करा सकता है।

बयान-

''बरसात के सीजन में महामाया पहाड़ का सारा पानी खरसिया चौक से दरिमा मोड़ के बीच आता है, इस कारण सड़क कमजोर हो चुकी है। हमने जो प्रस्ताव तैयार किया है उसमें सबसे पहले पहाड़ के पानी को सड़क पर आने से रोकने की व्यवस्था होगी। जब तक एनएच सिस्टम व्यवस्थित नहीं हो जाता, तब तक दिक्कत रहेगी। ड्रेनेज बन जाने के बाद सड़क का काम पूरा करेंगे।''

नितेश तिवारी

एसडीओ, राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण

Posted By: Nai Dunia News Network

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