अंबिकापुर। मेडिकल कालेज के मातृ शिशु अस्पताल में चार बच्चों की मौत के बाद अंबिकापुर की सियासत गरमा गई है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के अंबिकापुर आने की खबर मिलते ही भाजपा जिला अध्यक्ष ललन प्रताप सिंह के नेतृत्व में भाजपाइयों का दल मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंच गया था। यहां स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी के बीच भाजपाइयों ने सड़क भी जाम किया था।

स्वास्थ्य मंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद भाजपाई सड़क किनारे दूर चले गए थे, जिस ओर भाजपाइयों की उपस्थिति थी उस रास्ते से स्वास्थ्य मंत्री को मातृ शिशु अस्पताल नहीं लाया गया। दूसरे रास्ते से स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव, स्वास्थ्य सचिव आर प्रसन्ना, कलेक्टर कुंदन कुमार व पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता मातृ शिशु अस्पताल पहुंचे।

अस्पताल के भीतर प्रवेश कर जाने के बाद भी जब स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव को यह जानकारी लगी कि बाहर बच्चों की मौत के विरोध में भाजपाइयों का आंदोलन चल रहा है तो वे खुद प्रदर्शनकारी भाजपाइयों के बीच पहुंच गए। भाजपाई हाथों में काला कपड़ा रखे हुए थे। स्वास्थ्य मंत्री के सामने ही भाजपाइयों ने काले कपड़े लहराए और जमकर विरोध जताया। बाद में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की। उन्हें आश्वस्त किया कि यदि बच्चों की मौत को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही या चूक हुई है तो संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही होगी, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

इस दौरान भाजपाइयों ने स्वास्थ्य मंत्री के विरुद्ध भी नारे लगाए लेकिन विरोध के नारों को दरकिनार करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने जांच के बाद उचित कार्रवाई का दोबारा भरोसा दिया। भाजपाइयों ने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का आग्रह स्वास्थ्य मंत्री से किया। स्वास्थ्य मंत्री प्रदर्शनकारी भाजपाइयों से मुलाकात करने के बाद सीधे मेडिकल कालेज के मातृ शिशु अस्पताल परिसर में स्थित एसएनसीयू वार्ड में पहुंच चुके हैं। यहां स्वास्थ्य सचिव आर प्रसन्ना, डीन डा रमनेश मूर्ति, अस्पताल अधीक्षक डा लखन सिंह सहित ड्यूटीरत चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों से मौतों को लेकर जानकारी ले रहे हैं।

पहली बार गुस्से में नजर आए स्वास्थ्य मंत्री

गृह शहर अंबिकापुर के मेडिकल कालेज का निरीक्षण समय-समय पर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव करते रहे हैं लेकिन इस बार निरीक्षण और पूछताछ का उनका तरीका अलग नजर आ रहा है। पहली बार स्वास्थ्य मंत्री बेहद नाराज दिखे, इसके पहले तक के निरीक्षण में चिकित्सक उनसे बेहद करीब से होकर बातचीत किया करते थे लेकिन इस बार एसएनसीयू में प्रवेश करते ही भर्ती मरीजों के संबंध में जानकारी लेने के दौरान एक चिकित्सक को उन्होंने दूर से खड़े होकर जानकारी देने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य मंत्री के कड़े रुख को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों में भी खलबली मची हुई है। उम्मीद की जा रही है कि मामले में देर शाम तक कार्रवाई की जा सकती है।

Posted By: Manoj Kumar Tiwari

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