अंबिकापुर।उत्तर छत्तीसगढ़ के मरीजों के लिए मेडिकल कालेज अस्पताल अब आशा का बड़ा केंद्र बन गया है।अब तक आपरेशन और दूसरी बीमारियों के लिए निजी अस्पताल अथवा रायपुर-बिलासपुर की दौड़ नहीं लगानी पड़ती।मेडिकल कालेज अस्पताल में ही मरीजों को निश्शुल्क जांच व उपचार की सुविधा मिल रही है।इसके पीछे यहां पदस्थ विशेषज्ञ चिकित्सकों की ईमानदार कोशिश है।

अधिकांश चिकित्सक जी जान से मेडिकल कालेज अस्पताल अंबिकापुर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने प्रतिबद्ध है।मरीजों को मिल रही बेहतर सुविधाओं का ही परिणाम है कि यहां हर माह मरीजों की संख्या बढ़ रही है।बाह्य रोगी विभाग, अंतः रोगी विभाग के साथ आपरेशन कराने वाले भी बढ़े है।अस्पताल के प्रति मरीज़ों का विश्वास बढ़ता जा रहा है।भले यहां थोड़ी असुविधाएं उंन्हे झेलनी पड़े लेकिन वे भरोसे के साथ यहां पहुंचते है कि उनका मरीज यहां से स्वस्थ होकर घर लौटेगा।मेडिकल कालेज अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना और संसाधनों में बढोत्तरी का सीधा लाभ मरीजों को मिल रहा है।

अस्पताल में बढ़ती मरीजों की संख्या इस बात का प्रमाण भी है।पिछले तीन माह के जारी आंकड़ें बताते है कि यह अस्पताल अब न सिर्फ उत्तर छत्तीसगढ़ बल्कि पड़ोसी प्रान्त झारखंड, मध्यप्रदेश,ओडिशा, उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती जिलों के मरीजों के लिए भी लाभकारी साबित हो रहा है। सरगुजा संभाग के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा अस्पताल प्रबंधन एव चिकित्सकों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही हैं।अपवाद स्वरूप कुछ चिकित्सकों को छोड़ दे तो मेडिकल कालेज अस्पताल बनने के बाद बाहर से आए चिकित्सक मनोयोग से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।स्थानीय चिकित्सकों के समान निजी प्रैक्टिस पर उनका जोर कम रहता है।

पांच करोड़ की राशि भी स्वीकृत

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के प्रयासों से मेडिकल कालेज अस्पताल को मुख्यमंत्री सहायता कोष से पांच करोड़ रुपये की भी स्वीकृति दी गई है।अस्पताल के जीर्णोद्धार के साथ सुविधाएं बढ़ाने में इस राशि का उपयोग किया जाएगा।स्वास्थ्य मंत्री की मंशा है कि किसी भी प्रकार की जांच व उपचार के लिए मरीजों को बाहर न जाना पड़े ।उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं मिल सके।

सारी सुविधाएं रियायत दर पर

मेडिकल कालेज अस्पताल का रेडियोलाजी विभाग और पैथोलाजी विभाग भी समृद्ध हो चुका है जिन स्वास्थ्य जांच के लिए मरीजों को निजी जांच सेंटरों में बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती थी वही सुविधा अब यहां रियायत दर पर बेहतर तरीके से मिल रही है।मरीजों को अतिरिक्त राशि खर्च भी नहीं करनी पड़ रही है। कई सेवाएं पूरी तरीके से निश्शुल्क दी जाती है।

स्त्री रोग विभाग में ऐसे बढ़ रही मरीजों की संख्या

माह सर्जरी सामान्य प्रसव

फरवरी 210 325

मार्च 291 442

अप्रैल 250 416

बाह्य रोगी विभाग(ओपीडी) में भी बढ़ रही मरीजों की संख्या

माह ओपीडी आइपीडी

फरवरी 15024 2793

मार्च 20671 3605

अप्रैल 21384 3414

अस्पताल में मेजर आपरेशन भी बढ़े

मेडिकल कालेज अस्पताल में मेजर आपरेशन की संख्या भी बढ़ी है। फरवरी माह में कुल 182 आपरेशन हुए जिनमें सामान्य 61, हड्डी रोग विभाग में 57, ईएनटी 19, दंत रोग विभाग में एक, आर्थो इंप्लांट 34 किया गया। मार्च 2022 में 210, जिनमें सामान्य सर्जरी 65, आर्थो सर्जरी 19 ईएनटी 40 , दांत के दो , आर्थो इंप्लांट 38 किया गया। अप्रैल माह में 163 कुल आपरेशन जिनमें सामान्य सर्जरी 52 , आर्थो सर्जरी 52, ईएनटी 31, आर्थो इंप्लांट 22 किया गया। अस्पताल में विशेष दर्द निवारक क्लिनिक चलाया जा रहा है जिसमें फरवरी से मार्च तक कुल 304 मरीजों का इलाज किया गया।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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