अंबिकापुर। केंद्रीय कारागार अंबिकापुर में सजायाफ्ता कैदी ने बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की गंभीरता को देखते हुए कार्य में लापरवाही के आरोप पर जेल अधीक्षक राजेंद्र गायकवाड ने वार्डन रात्रे को निलंबित कर दिया है।मृतक के स्वजन को लाने के लिए जेल प्रबंधन ने वाहन भी भेज दिया है। कार्यपालिक दंडाधिकारी की उपस्थिति में पंचनामा की कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रीय कारागार अंबिकापुर में रविवार की शाम को निर्धारित समय पर लाकर होने के बाद सभी बंदी और कैदी अपने-अपने बैरक में चले गए थे रात लगभग 11 बजे बैरक नंबर नौ का कैदी लुकनु राम बाथरूम जाने के लिए निकला था काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटा तो बैरक में रहने वाले दूसरे बंदियों कैदियों को शक हुआ।जब उन्होंने बाथरूम में जाकर आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं मिला। संदेह पर झांक कर देखा गया तो उसने बाथरूम में ही फांसी लगा ली थी। घटना की सूचना मिलते ही केंद्रीय जेल प्रबंधन हरकत में आया जिला और पुलिस प्रशासन को रात में ही सूचना दे दी गई थी।

रात में ही कार्यपालिक दंडाधिकारी और कोतवाली थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह केंद्रीय जेल पहुंचे थे। यहां घटनास्थल का निरीक्षण कर बाथरूम को जांच के लिए सील कर दिया था।बताया गया कि मृतक पर हत्या का आरोप था।उसे न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई थी। सुबह कार्यपालिक दंडाधिकारी की उपस्थिति में ही पंचनामा की कार्रवाई पूरी की गई। कैदी ने फांसी क्यों लगाई यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। केंद्रीय जेल अधीक्षक राजेंद्र गायकवाड ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक लुकनू राम को अदालत से आजीवन कारावास की सजा हुई थी। रात को जैसे ही सूचना मिली वैसे ही मृतक के स्वजन को लाने के लिए जेल प्रबंधन की ओर से वाहन भी भेज दी गई है।

उन्होंने बताया कि घटना रात लगभग 11 बजे की है। बैरक में ड्यूटी वार्डन रात्रे की थी। ज्यादा रात भी नहीं हुआ था उसके बावजूद कैदी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने को उन्होंने कार्य में लापरवाही मानी है। मामले में बैरक नंबर नौ की देखरेख की व्यवस्था में ड्यूटी पर लगाए गए वार्डन को निलंबित किए जाने की जानकारी उन्होंने दी है। बता दें कि केंद्रीय कारागार इन दिनों रचनात्मक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। यहां योग, ध्यान, व्यायाम,शिक्षा के साथ विभिन्न खेल गतिविधियों के अलावा ज्यादातर बंदी- कैदी रोजगार मूलक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।इन सबके बीच कैदी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिए जाने के बाद जेल प्रबंधन ने सभी बैरक में ड्यूटी करने वाले अधिकारी, कर्मचारियों को एक-एक बंदी कैदी की गतिविधियों पर नजर रखने की जवाबदारी को गंभीरता से निभाने का निर्देश दिया है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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