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अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

सरगुजा जिले में लंबे समय बाद मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत प्रथम चरण में करीब 30 खस्ताहाल सड़कों का निर्माण होने जा रहा है। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने जिले के उन ग्रामों से सड़कों की जानकारी मंगाई जहां की सड़कें सर्वाधिक खस्ताहाल और सबसे महत्वपूर्ण हो। पंचायतों से एक-एक सड़कों की जानकारी भेजी गई जिसकी लंबाई एक किमी थी। इस एक सड़क को डामरीकरण कराए जाने की मंजूरी भी मिल गई है। प्रथम चरण में 30 ग्राम पंचायतों में लगभग 40 किमी सड़कें चिन्हित किए जाने के बाद स्वीकृति भी दे दी गई है। इन सड़कों को जल्द ही डब्ल्यूबीएम के बाद डामरीकरण कर चकाचक हो जाएगी। पंचायत विभाग की पहल पर वर्षों बाद इन ग्रामीण सड़कों की तकदीर संवरने वाली है। शहर के आसपास की कई पंचायतों में दो प्रमुख सड़कों को जोड़ने वाली लगभग एक किमी की बाईपास सड़कों का चयन किया गया है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी। स्कूली बच्चों व ग्रामीणों का आवागमन सुलभ होगा। पंचायत मंत्री सिंहदेव ने इसके लिए जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता से गांव की एक-एक सड़कों को प्रस्तावित करने कहा था। उनके निर्देश पर सभी गांव एक-एक सड़कों का प्रस्ताव लाया गया जिसके बाद उसके रंग रूप बदलने का काम बारिश कम होते ही शुरू हो जाएगा। जिले में कई ऐसी सड़कें जिसकी लंबाई एक से दो किमी की है उसकी स्थिति काफी चिंताजनक है। इस एक किमी की सड़क में कीचड़ से होकर ही स्कूली बच्चों के साथ आना होता है। ऐसी स्थिति में पर दबाव के बावजूद नहीं किया जा रहा था क्योंकि पंच, सरपंचों को मालूम था। इस सड़क का निर्माण पंचायत मद की राशि से कराया जाना संभव नहीं है। पूर्व में सरगुजा जिले में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत कुछ सड़कों का निर्माण किया गया किंतु बड़ी संख्या में गांव की सड़कें आरंभ से ही दलदल व कीचड़ से युक्त हैं। पंचायतों में ऐसी सड़कों को प्राथमिकता से चयन किया गया है ताकि सड़क का तत्काल निर्माण हो सके।

प्रथम चरण में 40 किमी बनेगी सड़क सड़क

जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता ने बताया कि ऐसी सड़कों को प्राथमिकता से लिए गया है जो बेहद जरूरी है। गांव की दो प्रमुख सड़कों को जोड़ने के साथ हजारों लोगों का जिस सड़क पर आवागमन होता है उसी सड़क का पंचायतों ने चयन किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पंचायत मंत्री ने गांव का दौरा किया है और उन्हें ग्रामीणों के द्वारा अधिकांश सड़कों के निर्माण की जानकारी दी गई है तभी से पंचायत मंत्री ने योजना बनाई थी कि एक-एक चरण में एक-एक प्रमुख सड़कों का निर्माण किया जाना है। वर्तमान में सरकार के पास जितनी राशि उपलब्ध है उससे ऐसी सड़कें बन जाए जो गांव के लिए मान-सम्मान का विषय बन चुकी है।

बड़े गांव की मुख्य सड़कों से हो जाएगा जुड़ाव

प्रथम चरण में जिन सड़कों का चयन किया गया है यह ग्रामीणों की जरुरत के अनुसार है। कई बड़े गांव जो दो हिस्सों में बटे हैं। दोनों हिस्सों में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क तो बन चुकी है पर इन दोनों सड़कों को जोड़ने कभी पहल नहीं हुई थी। शहर से लगी ग्राम पंचायत खैरबार इसका उदाहरण है। बौरीपारा से बांकी जलाशय तक तीन पीएमजीएसवाई सड़क बनी है। वहीं इसी गांव की दूसरी प्रमुख सड़क जो चांदनी चौक से बांकी जलाशय तक जारी है। इन दोनों सड़कों को जोड़ने गाड़ाघाट से हायर सेकेण्डरी स्कूल खैरबार तक लगभग एक किमी सड़क बनाने स्वीकृति मिल चुकी है। यह सड़क आने वाले दिनों में बनकर तैयार हो जाएगी तो हजारों लोगों को आवागमन की बड़ी सुविधा मिलेगी। इसी तरह कई ऐसे गांव है जहां ऐसे ही सड़कों की कनेक्टिविटी की जरुरत है।

जरुरत के अनुसार आगे मिलेगी और स्वीकृति-टीएस

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि अभी तो यह प्रथम चरण में स्वीकृति दी गई है। जैसे-जैसे निर्माण कार्य पूरा होगा और राशि की उपलब्धता रहेगी वैसे-वैसे अन्य पंचायतों की सड़कों को भी इसी तर्ज पर निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा है कि गांव में बनने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने नहीं दी जाएगी। इन सड़कों का निर्माण पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से गुणवत्तायुक्त हो इसका लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network