अंबिकापुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। साग-सब्जियों की खेती के लिए मशहूर सरगुजा जिले के लुंड्रा विकासखंड के किसानों की बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि ने कमर तोड़ दी है। कुंदी व डकई दो ऐसे गांव हैं, जहां शत-प्रतिशत फसलों को नुकसान पहुंचा है। शेष एक दर्जन गांव के किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। दो दिन से राजस्व विभाग की टीम सर्वे में लगी हुई है। क्षति के अनुरूप शत प्रतिशत नुकसान की भरपाई हो, तभी किसानों को राहत मिल सकेगी। लुंड्रा क्षेत्र में सब्जियों के नष्ट होने का असर अंबिकापुर के सब्जी बाजार पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। लुंड्रा विधायक डा. प्रीतम राम ने जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर किसानों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने आश्वस्त किया है।

द्रोणिका के असर से मंगलवार को अंबिकापुर विकासखंड के सरगवां, नर्मदापुर, घंघरी, चिखलाडीह, सकालो सहित आसपास के कई गांवों में तथा लुंड्रा विकासखंड के डकई, कुंदीकला, केपी अजिरमा, करेसर, अगासी, अमगांव, लुंड्रा सहित आसपास के एक दर्जन से भी अधिक गांवों में तेज बारिश के साथ जमकर ओले गिरे थे। मार्च के महीने में बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से किसानों को पहले ही नुकसान उठाना पड़ा था। मंगलवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि ने रही सही कसर भी पूरी कर दी। डकई व कुंदी दो ऐसे गांव हैं, जहां किसानों के खेतों में कुछ भी शेष नहीं बचा है। पक चुकी गेहूं बालियों से झड़ गई है। टमाटर सहित दूसरी फसलों को भी पूरी तरीके से ओलों ने बर्बाद कर दिया है।

विधायक पहुंचे प्रभावित गांवों में-

लुंड्रा विधायक डा. प्रीतम राम को लुंड्रा विकासखंड के कई गांव में ओलावृष्टि की खबर मिलते ही विधायक डा. प्रीतम राम प्रभावित गांवों में पहुंचे। उन्होंने खेतों का अवलोकन करने के साथ ही प्रभावित किसानों से चर्चा की। विधायक ने बताया कि कुंदी व डकई में फसल सर्वाधिक नष्ट हुई है। शेष गांवों में भी सब्जी और गेहूं, सरसो की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कलेक्टर सरगुजा को निर्देशित किया है कि तत्काल क्षति का आंकलन करा किसानों को राहत दी जाए। दो दिन से राजस्व विभाग के कर्मचारी सर्वे में जुटे हुए हैं।

सरगुजा के सब्जी बाजार में पड़ेगा असर-

लुंड्रा विकासखंड के एक दर्जन से अधिक गांव सब्जी की खेती के लिए मशहूर है। सरगुजा के सब्जी बाजार के अलावा इन गांवों से उत्पादित सब्जियों को लाकडाउन के पहले तक पड़ोसी प्रांतों में भी भेजा जाता था। लाकडाउन के बाद से लुंड्रा क्षेत्र की उत्पादित सब्जियां अंबिकापुर बाजार में आती थी, जिसकारण काफी हद तक दाम पर नियंत्रण तथा लेकिन सब्जियों के नष्ट हो जाने से अंबिकापुर के सब्जी बाजार में सीधे असर करेगा। सब्जियों की आवक कम होगी। दाम भी बढ़ सकते हैं।

गन्ने की सूखी फसल का भी मिले मुआवजा-

लुंड्रा विधायक डा. प्रीतम राम ने बताया कि लाकडाउन से पहले कई गन्ना उत्पादक किसानों ने गन्ना काट लिया था। बीच में कारखाना बंद हो जाने के कारण उनका गन्ना नहीं उठ सका। कई गांव में किसानों द्वारा काटकर रखी गई गन्ने की फसल सूख चुकी है। गन्ना उत्पादक प्रभावित किसानों को भी मुआवजा दिए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए भी वे पूरी कोशिश कर रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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