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अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

फर्जी पिट पास के जरिए सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाला आरोपित रमेश मित्तल मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड के बाहर चैन से समय बीता रहा है। रिश्तेदारों, परिचितों से बैठकर समय गुजार रहे आरोपित को दी गई इस सुविधा को लेकर पुलिस, जेल प्रशासन के साथ मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कुछ चिकित्सक सवालों के घेरे में आ गए हैं। लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर घूम रहा आरोपित गिरफ्तारी के साथ ही बीमार कैसे हो गया, यह बड़ा सवाल है। आरोप है कि धन बल का उपयोग कर आरोपित ने जेल जाने से खुद को बचा लिया और सबकुछ जानते हुए भी जिम्मेदार उसे चैन से रहने की खुली छूट दे रहे हैं।

फर्जी पिट पास से रायल्टी चोरी के मामले में आरोपित रमेश मित्तल समेत चार लोगों के खिलाफ धौरपुर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। तीन आरोपितों की गिरफ्तारी कर ली गई थी, लेकिन शातिर रमेश मित्तल फरार घूम रहा था। इसी बीच उसका एक फर्जीवाड़ा और सामने आया, जिसमें कूटरचना कर उसने लीज अवधि बढ़ा शासन से धोखाधड़ी की थी। उक्त मामले में भी उसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया गया था। लंबे समय से वह फरार चल रहा था। सूत्रों के मुताबिक धन बल का उपयोग कर वह लगातार गिरफ्तारी से बचता रहा। जब मामले में पुलिस की थू-थू होनी शुरू हुई तो पुलिस ने भी उसपर दबाव बनाना शुरू किया। शुक्रवार को सरगुजा एसपी आशुतोष सिंह को सूचना मिली थी कि धोखाधड़ी का आरोपित रमेश मित्तल न्यायालय के नजदीक किसी से मुलाकात करने आने वाला है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने कोतवाली पुलिस को आरोपित की गिरफ्तारी का निर्देश दिया था। पुलिस की टीम सादे वेश में उसकी निगरानी में लगी हुई थी, इसी बीच आरोपित रमेश मित्तल घूमते हुए नजर आ गया। जिसे तत्काल पुलिस टीम ने धरदबोचा। गिरफ्तारी के समय पूरी तरह स्वस्थ्य जालसाज रमेश मित्तल को शुक्रवार को ही अदालत में पेश कर दिया गया था। जेल वारंट जारी होते ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में खुद को बीमार बताने के लिए उसने नौटंकी रचना शुरू कर दिया था। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मौजूद लोगों का कहना है कि सीने में दर्द की शिकायत कर वह जेल जाने से बचने के प्रयास में लगा हुआ था। आखिरकार वह अपने इस प्रयास में सफल नजर आया। शनिवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रमेश मित्तल जेल वार्ड के बाहर आराम से कुर्सी में बैठा था। उसके साथ कुछ परिचित और अगल-बगल रिश्तेदार भी मौजूद थे। लगभग छह महीने तक पुलिस को चकमा देकर घूम रहा आरोपित अचानक बीमार कैसे हो गया, यह बड़ा सवाल है। पुलिस पकड़ में आने से बचने सारा जुगत लगाने वाला गिरफ्तार होते ही बीमार हो गया। उसे सारी सुविधाएं मिलनी शुरू हो गई। धन बल के आगे आरोपित को जहां सुविधा मिल रही है, वहीं जिनका पहुंच व प्रभाव नहीं है, उन्हें बीमारी की स्थिति में ऐसी सुविधा शायद ही मिलती हो। इस पूरे मामले में पहुंच व प्रभाव के आगे व्यवस्था को ध्वस्त करने वाले तंत्र को भी उजागर किया है। इस पूरे मामले में अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि ऐसा कौन सामने आ गया, जो कल तक आराम से घूम रहे आरोपित रमेश मित्तल को इतना बीमार बता दिया कि उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आराम से समय बीताने का समय मिल गया।