अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

नगर के चंबोथी तालाब स्थित सामुदायिक भवन में सोमवार को उस समय वर और वधु पक्ष सकते में आ गए, जब लड़का सिंदूरदान के लिए उठा और वधु ने खड़े होकर शादी करने से इन्कार कर दिया। देर रात तक लड़की को समझाने की कोशिश परिजन करते रहे लेकिन बात नहीं बनी तो लड़के पक्ष ने अंबिकापुर में समाज की एक लड़की से बेटे का विवाह करके वर पक्ष के लोग अपने गृहग्राम रवाना हुए। बेटी के हाथ पीले करने लाखों रुपये खर्च करके की गई तैयारियां भी इन परिस्थितियों में धरी रह गई।

अंबिकापुर में आयोजित एक विवाह सामारोह के लिए चंबोथी तालाब के सामुदायिक भवन में सोमवार को बारात पहुंची। द्वारचार सहित अन्य रस्म निर्विघ्न संपन्न हो गया था। सिंदूर, कन्यादान के साथ वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए लोग आतुर थे। सिंदूरदान रस्म के लिए पंडित ने जैसे ही मंत्रोच्चार प्रारंभ किया, दुल्हन का तेवर बदल गया। उसने स्पष्ट लहजे में रिश्ता पसंद नहीं होने की बात कह शादी करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद बाराती और घराती सकते में आ गए। दूल्हे के पिता ने बेटी को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह विवाह के लिए तैयार नहीं हुई। इस दौरान बाराती-घराती खाना खा चुके थे, कई मेहमान जा चुके थे। ऐसे में बिना दुल्हन के घर वापसी को लेकर पशोपेश की स्थिति बनी हुई थी। दुल्हन के अचानक बदले रूख को देख दोनों पक्षों से परिवार के सदस्यों द्वारा दी जा रही समझाइश बेअसर होने पर टोना-टोटका मानते हुए झाड़-फूंक करने शहर के जानकारों को बुला उसका झाड़फूंक भी कराया गया। लड़की के परिजन बेटी के व्यवहार से खफा होकर उसे उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया। मंगलवार को कोतवाली में इसे लेकर गहमागहमी बनी रही। शादी के जोड़े में जिस बेटी की अश्रुपूर्ण नेत्रों के बीच पति के साथ विदाई होनी थी, उसे महिलाओं के लिए बने स्वधार गृह के सुपुर्द पुलिस ने कर दिया है।

दूसरी कन्या से विवाह

शादी और विदाई के बाद उदयपुर में भव्य पार्टी की तैयारी में पहुंचा वर पक्ष ने कन्या के उग्र हो जाने से आननफानन में उन्होंने समाज की किसी अन्य लड़की से पुत्र के विवाह का निर्णय लिया। दूसरी युवती के साथ वर की शादी की गई एवं वर पक्ष दुल्हन लेकर वापस लौट गया।

Posted By: Nai Dunia News Network