अंबिकापुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)।शहर के बिलासपुर चौक से लगे भातुपारा, बंजारी व लक्ष्‌मीपुर क्षेत्र में भालू के विचरण से अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भालू को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास में लगी रही। रहवासियों को घरों में ही रहने कहा गया। इसके बाद वन विभाग की टीम रेंजर गजेंद्र दोहरे के नेतृत्व में भालू की निगरानी में लगी रहे।देर शाम तक भालू अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में ही मौजूद रहा।उसके जंगल की ओर सुरक्षित तरीके से वापस लौटने की संभावना को देखते हुए पुलिस के सहयोग से भीड़ को भी नियंत्रित किया जाता रहा।

शुक्रवार की शाम बिलासपुर चौक के नजदीक पेट्रोल पंप के पास पहली बार भालू को देखा गया। यह भालू हर्राटिकरा की ओर से शहर में प्रवेश किया था। भालू के शहर में प्रवेश करने की जानकारी मिलते ही आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। हो हल्ला सुनकर भालू भी दौड़ लगाने लगा। सूचना पर रेंजर गजेंद्र दोहरे के साथ वन व पुलिस विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।भालू अंबिकापुर- बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर बिलासपुर चौक से लगे बंजारी इलाके से होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर की ओर बढ़ने लगा. इधर वन विभाग की टीम आसपास घरों में रहने वाले लोगों को बाहर ना निकलने लगातार मुनादी कराती रही।वन विभाग की पहली कोशिश सुरक्षित तरीके से भालू को जंगल की ओर खदेड़ने की थी। बताया जा रहा है कि ट्रांसपोर्ट नगर के नजदीक जाकर भालू फिर वापस हो गया है। समाचार लिखे जाने तक वन विभाग की टीम भालू की निगरानी में लगी हुई थी। बिलासपुर चौक क्षेत्र में जिधर से भालू का मूवमेंट हो रहा था। उधर के लोगों को सतर्क कर दिया गया था। रेंजर गजेंद्र दोहरे ने बताया कि भालू जिस रास्ते से शहर में प्रवेश किया था लगभग उसी रास्ते से वापस लौट रहा है।वह वापस जंगल की ओर चला जाए इस प्रयास में वन विभाग की टीम लगी हुई है। उन्होंने भालू की गतिविधियों को देखने के बाद स्पष्ट किया कि इसकी आयु अत्यधिक हो चुकी है।यह तेजी से भाग भी नहीं पा रहा है।

एक बालक को किया घायल

बिलासपुर चौक से लगे पेट्रोल पंप के पास पहुंचे भालू द्वारा एक बालक को मामूली रूप से घायल कर देने के बाद तत्काल उसे अस्पताल ले जाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बालक घर के बाहर खेल रहा था।दौड़ते हुए भालू उसे छूते हुए आगे बढ़ गया।जिससे बालक के हाथ में चोट आई है।

तेंदुआ ने भैंस का किया शिकार

अंबिकापुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। हसदेव अरण्य क्षेत्र के घाटबर्रा हरिहरपुर, सालही क्षेत्र में इन दिनों तेंदुआ की उपस्थिति से पशुपालक भयभीत हैं।तेंदुआ द्वारा बीच-बीच में मवेशियों पर हमला किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले दो माह से तेंदुआ क्षेत्र में विचरण कर रहा है इस दौरान उसने कई पशु पालकों की मवेशियों का शिकार भी किया है। दो दिन पहले तेंदुआ ने घाटबर्रा क्षेत्र के रहने वाले बलराम यादव की भैंस पर भी हमला किया।भैंस का शिकार करने के बाद उसका अवशेष पशुपालक और वन विभाग की टीम को मिला।शुक्रवार को वन विभाग की टीम भी घटनास्थल पहुंची थी।वन अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल की परिस्थितियों को देखकर लग रहा है कि भैंस पर हमला करने वाला वन्यप्राणी तेंदुआ ही है।कुछ दिनों पहले भी इसी इलाके में जंगल चरने गई कुछ मवेशियों पर भी तेंदुआ ने हमला किया था।हालांकि कुछ लोग बाघ होने का भी दावा कर रहे हैं लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

वर्जन-1

जंगल में तेंदुआ द्वारा मवेशी का शिकार किए जाने पर वन विभाग की टीम भी घटनास्थल पहुंची थी।कुछ लोग इसके बाघ होने का दावा कर रहे है।हम इसका परीक्षण करा रहे हैं।

पंकज कमल

डीएफओ,सरगुजा

वर्जन -2

हरिहरपुर से लगे जंगल में भी दो माह पहले ऐसी घटना हुई थी।इस बार भैंस का शिकार कर उसका मांस खाने वाला वन्य प्राणी बाघ है।यह तेंदुआ नहीं है।

चंद्र प्रदीप बाजपेयी

छत्तीसगढ़ जंगल मितान

Posted By: Nai Dunia News Network

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