अंबिकापुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। सरगुजा जिले के मैनपाट और धरमजयगढ़ वन मंडल के कापू वन परिक्षेत्र के सीमावर्ती जंगल में विचरण कर रहे 14 हाथियों के दल में शामिल एक दंतैल हाथी दल से बिछड़ गया है। पिछले लगभग 10 दिनों से यह हाथी मैनपाट जनपद मुख्यालय नर्मदापुर से लगे आश्रित ग्राम बरवावाली में लगातार नुकसान पहुंचा रहा है। लगभग 20 से 25 घरों की इस बस्ती में अधिकांश घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जंगली हाथी क्षतिग्रस्त मकानों के नजदीक पहुंचकर दोबारा उन्हें तोड़फोड़ करने में लगा हुआ है। अकेला हाथी होने के कारण वन विभाग सही तरीके से इसकी निगरानी भी नहीं कर पा रहा है, इससे ग्रामीणों में जनहानि का भी खतरा बना हुआ है।

जानकारी के मुताबिक दंतैल हाथी पिछले लगभग 10 दिनों से ग्राम पंचायत नर्मदापुर के आश्रित ग्राम बरवावाली के नजदीक दिनभर जंगल में जमा रहता है। शाम होते ही यह हाथी जंगल से बाहर निकल बस्ती की ओर बढ़ने लगता है। इस बस्ती के सारे मकान कच्चे हैं। अधिकांश घरों के बीच दूरी भी है।एक-एक कर हाथी ने लगभग सभी घरों को नुकसान पहुंचाया है। प्रभावित परिवारों में से कई ऐसे हैं जिनका नर्मदापुर अथवा दूसरे गांव में पुराना मकान है ऐसे लोग वहां जाकर शिफ्ट हो गए हैं। कुछ ऐसे भी हैं जिनका कोई ठिकाना अब नहीं रह गया है।शाम ढलते ही यह हाथी बरवा वाली में पहुंच जाता है।रहवास के अनुकूल क्षेत्र होने के कारण इधर से वह आगे भी नहीं बढ़ रहा है। शाम होते ही लोग घर छोड़ देते हैं, हाथी पहुंचता है और क्षतिग्रस्त मकानों पर ही दोबारा हमला कर चारा- पानी की खोज में लगा रहता है। इन दिनों खेतों में फसल भी नहीं है इसलिए यह हाथी ज्यादा आक्रामक भी हो गया है।वन विभाग द्वारा इसकी निगरानी तो कराई जा रही है लेकिन इसका लोकेशन हमेशा बदलता रहता है जिस कारण रात के अंधेरे में वह किस ओर आगे बढ़ा है। इसका सही अंदाजा भी नहीं लग पाता। उधर हाथियों का एक दल जो मैनपाट के मेहता पॉइंट के नजदीक पहुंच गया था वह दल फिर से जंगल में चला गया है।इस दिल में हाथी का एक बच्चा भी है। बच्चा जिस और जाता है,शेष हाथी भी उसी और जाते हैं। जब तक यह बच्चा बड़ा नहीं हो जाता तब तक हाथियों के इसी इलाके में मौजूद रहने की संभावना जताई जा रही है। मैनपाट वन परिक्षेत्राधिकारी फेकू चौबे ने बताया कि 14 हाथियों द्वारा अभी तक किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है, लेकिन जो हाथी दल से बिछड़ कर घूम रहा है वही लगातार घरों पर हमला कर रहा है। अधिकांश क्षतिग्रस्त मकानों को दो -दो, तीन - तीन बार पहुंच कर तोड़फोड़ कर रहा है।जंगली हाथी की लगातार निगरानी कराई जा रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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