अंबिकापुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना वायरस के कारण लोगों की दिनचर्या भी बदल चुकी है। सामान्य दिनों में जहां लोग अपने घर से अपने दफ्तरों और अपने कार्य स्थल पर पूरे दिन बिताया करते थे वहीं अब दिन भर घर में सुबह से रात तक रहना लोगों के लिए आसान नहीं रह गया है। ऐसे में लोगों ने नई-नई तरकीबें भी ढूंढ निकाली है। शहर के लोग जो कभी अपने परिवार को समय नहीं दे पाते थे वे पूरे दिन अपने परिवार के साथ बिता रहे हैं। कोई रसोई में सहयोग कर रहा है तो कोई सब्जियां काट रहा है। बच्चों के साथ बड़े भी उछल कूद कर रहे हैं। घर के भीतर कोई परिवार के साथ कैरम तो कोई लूडो खेल रहा है। बड़े बुजुर्ग समय निकालकर योग करने में लगे हैं। नगर का एक शर्मा परिवार जहां अधिकांश सदस्य वकालत के पेशे से जुड़े हैं। सुबह से रात तक अपने क्लाइंट के बीच समय बिताने वाले लोग अब घर में पूरा दिन बिता रहे हैं। नगर के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेम कुमार शर्मा व उनके पुत्र अलंकार शर्मा व भतीजा अभिषेक शर्मा तीनों बकालत के पेशे से जुड़े हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेमकुमार शर्मा व अलंकार शर्मा सुबह उठने के बाद घंटों एक साथ योगाभ्यास करने में लगे हैं जबकि दोनों सुबह सैर सपाटे के लिए निकलते थे और कभी शहर के सड़कों में तो कभी गांधी स्टेडियम में भ्रमण करते नजर आते थे किंतु इन दोनों पिता-पुत्र ने अपनी दिनचर्या बदल दी है। दोनों योगाभ्यास में घंटों लगे रहते हैं। इसके बाद चाय नाश्ता करते हैं, फिर अपने घर के दफ्तर में बैठ क्लाइंटों की फाइल खंगालते हैं। इनके भतीजे सेल टैक्स बार एसोसिएशन के सचिव अधिवक्ता अभिषेक शर्मा अपनी पत्नी सुनैना शर्मा के साथ लूडो खेल समय बिताते हैं। अभिषेक शर्मा बताते हैं वर्षों बाद पत्नी सुनैना शर्मा के साथ लंबे समय तक घर में रहने का मौका मिला है। घर में ही रखे पुराने लूडो को निकाल हम दोनों खूब खेल रहे हैं। हार जीत लूडो में तो होता ही है। इसको लेकर खट्टी मीठी नोकझोंक हो रही है। पूरा दिन कैसे कट जा रहा है पता भी नहीं चल रहा। हमने कभी सोचा भी नहीं था परिवार के सारे सदस्य एक साथ अपने अपने पसंद के कामों में व्यस्त हो जाएंगे। अभिषेक शर्मा बताते हैं कि हम सभी मिलकर रसोई में भी झांक लेते हैं। कोशिश करते हैं कि वहां भी मदद कर दें। इससे एक अलग अनुभव भी मिल रहा है, साथ ही मौका मिलने पर अपने घर के दफ्तर में क्लाइंटों की फाइल भी देखने का मौका मिल जा रहा है।

दशकों बाद मिला इतना आराम- प्रेमकुमार शर्मा

वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेम कुमार शर्मा का कहना है कि वकालत के पेशे से जब से जुड़ा हूं कई दशक बीत गए पर इतनी फुर्सत मुझे कभी नहीं मिली थी। मैंने तो कभी सोचा ही नहीं था कि मैं लंबे समय तक घर में बैठूंगा। कामकाज की आदत है। दौड़ भाग की आदत है पर एकाएक दौड़ भाग थम जाने से मैंने अपने नियमित योगाभ्यास को बढ़ा दिया है। मेरे साथ मेरे परिवार के सदस्य मुझे देख योगाभ्यास करने लगे हैं। योगाभ्यास के बाद में अपने घर के बच्चों के साथ समय बिता रहा हूं। उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छा समय है हमें अपने घर में रहकर कोरोना को दूर भगाने का और खुद के आत्म चिंतन का। हम किस दौड़ भाग की जिंदगी में घिरे हुए हैं। हम दौड़ भाग की जिंदगी से सुकून के पल निकाल नहीं पाते हैं। वर्षों बाद हमें सुकून के पल मिले हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेमकुमार शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुत सोच समझकर भारत को स्वस्थ बनाने 21 दिन तक लोगों को घरों में रहने का आह्वान किया है। यदि हम इस अवधि तक घर में रहे और बाहर नहीं निकले तो निश्चित रूप से इस वैश्विक महामारी से हम ही नहीं हमारे सगे, संबंधी, दोस्त, भाई, परिवार व समाज के लोग राज्य के लोग व देश के लोग स्वस्थ होंगे। उन्होंने कहा कि मैं अंबिकापुर शहर के हर परिवार को आह्वान करता हूं कि वे कोरोना को दूर भगाने घर से बाहर न निकलें। घर में ही डटे रहें और परिवार के साथ समय बिताएं। एक दूसरे को समझने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी से हम दूर होते जा रहे हैं। नई पीढ़ी भी पुराने लोगों से दूरी बनाने की कोशिश करती है। यह बहुत अच्छा समय है कि हम एक साथ रहे और एक दूसरे की भावनाओं को भी समझें और वैश्विक महामारी को दूर भगाने में साथ दें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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