अंबिकापुर। रात में तीन साल की बेटी के रोने पर नशे में धुत पिता भड़क गया और कोहनी से बच्ची की नाक पर वार कर दिया। इससे बच्ची की मौत हो गई। इसके बाद अपनी पत्नी के साथ मिलकर बेटी के शव को उफनती घुनघुट्टा नदी में फेंक दिया। पुलिस को भ्रमित करने के लिए पिता ने बच्ची का अपहरण होने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। जांच में मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपित पति-पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

ग्राम पथरई निवासी प्रमोद मांझी ने 16 अगस्त 2022 को मैनपाट के कमलेश्वरपुर थाने में अपनी बच्ची के गायब होने की सूचना दी। उसने बताया कि 15 अगस्त की रात वह पत्नी सुमित्रा बाई, तीन साल की बेटी विमला व तीन माह के दुधमुंहे बेटे के साथ सो रहा था। घर के अलग कमरे में दो सदस्य और सो रहे थे। देर रात बेटी विमला ने उसे तेज आवाज में बुलाया। तब उसने बेटी को सो जाने के लिए कहा था। कुछ देर बाद उसकी नींद खुली तो बेटी गायब थी। उसने घर का दरवाजा खुला होने तथा किसी के द्वारा बेटी का अपहरण करने का संदेह जताया। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने एएसआइ भूपेश सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का भी गठन किया।

इधर थाना प्रभारी कमलेश्वरपुर शिशिरकान्त सिंह के नेतृत्व में पुलिस की दूसरी टीम रिश्तेदारों, पड़ोसियों और परिचितों से पूछताछ करने लगी। जांच के दौरान पता चला कि गायब बच्ची के माता-पिता ने पुलिस को पूरी जानकारी नहीं दी है। संदेह होने पर उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई। इस पर दोनों ने बेटी की हत्या और शव को नदी में फेंकने की बात स्वीकार की। पुलिस टीम ने ग्रामीणों के साथ घुनघुट्टा नदी किराने केसरा में दोमुहानी के पास झाड़ी में फंसा शव बरामद कर लिया। पुलिस ने पति-पत्नी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर जेल भेज दिया है।

दुधमुंहे बच्चे को भी मिली सजा

घटना का दुखद पहलू यह है कि माता-पिता के किए की सजा एक दुधमुंहे को भी भुगतनी पड़ रही है। उनके तीन माह के बच्चे की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। ऐसे में न्यायालय के आदेश पर बच्चा भी मां के साथ जेल गया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी कमलेश्वरपुर शिशिरकांत सिंह, सहायक उपनिरीक्षक भूपेश सिंह, आरक्षक विकास सिंह, अमित विश्वकर्मा एवं विजय की सक्रिय भूमिका रही।

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