अंबिकापुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। हाईकोर्ट के आदेश के परिपालन में कुलपति प्रो अशोक सिंह ने संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलपति का काम करना जारी रखा है।पिछले एक सप्ताह से कुलपति के प्रभार को लेकर असमंजस की स्थिति थी।कुलसचिव विनोद एक्का का स्वास्थ्य भी खराब हो गया था।कुलपति और कुलसचिव विहीन विश्वविद्यालय में प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित होने लगा था।

संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में उक्त स्थिति प्रो रोहिणी प्रसाद के हाईकोर्ट के आदेश और राजभवन की चिट्ठी लेकर पहुंचने के कारण निर्मित हुई थी।धारा 52 के तहत राज्य सरकार द्वारा तत्कालीन कुलपति प्रो रोहिणी प्रसाद को पद से हटा दिया गया था।उन्होंने इसके खिलाफ याचिका दायर की थी।हाईकोर्ट की एकल पीठ के आदेश पर कुलपति का प्रभार लेने वे पहुंचे थे इसके पहले ही कुलपति कक्ष में ताला लगाकर प्रो अशोक सिंह यहां से चले गए थे।उनके साथ राज्य सरकार ने हाईकोर्ट की युगल पीठ में अपील की है।जिस पर छह जुलाई 2022 को सुनवाई होनी है तब तक वर्तमान स्थिति बरकरार रखने के आदेश है।इसी आदेश के तहत प्रो अशोक सिंह, पूर्व की तरह मंगलवार को भी विश्वविद्यालय पहुंचे।अपने कक्ष में विभाग प्रमुखों से चर्चा भी की।श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय अंबिकापुर का निरीक्षण भी किया।वे फाइलों का भी निराकरण कर रहे है।कुलपति के साथ कुलसचिव के काम पर आ जाने से विश्वविद्यालय का कामकाज पटरी पर लौट आया है।

और खुल गया ताला

हाईकोर्ट के एकल पीठ के आदेश और राजभवन की चिट्ठी लेकर प्रो रोहिणी पदभार ग्रहण करने पहुंचे थे। प्रोफेसर अशोक सिंह कुलपति कक्ष में ताला लगाकर वाहन सहित चले गए थे। तीन दिनों तक प्रोफेसर रोहिणी प्रसाद आगंतुक कक्ष में ही बैठे थे। इस विवाद के बीच कुलसचिव विनोद एक्का का स्वास्थ्य बिगड़ गया था।उन्हें अंबिकापुर के मिशन अस्पताल में भी दाखिल कराया गया था।सोमवार को कुलसचिव विनोद एक्का काम पर लौटे तो आगंतुक कक्ष के बाहर भी ताला लगवा दिया था।जब प्रो अशोक सिंह की अपील पर हाईकोर्ट का आदेश विश्वविद्यालय पहुंचा तो यह ताला खोल दिया गया था।कुलपति प्रो अशोक सिंह भी अपने कक्ष की चाबी लेकर आए थे।

वर्जन

प्रकरण उच्च न्यायालय में हैं इसलिए ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं है।मैं पूर्व की तरह कामकाज कर रहा हूं।विश्वविद्यालय का कोई भी काम प्रभावित नहीं होगा।मेरे कक्ष में गोपनीय दस्तावेज रखे जाते है इसलिए उसकी निगरानी जरूरी होती है।मैं चेंबर को बंद कर चाबी अपने साथ ले जाता हूं।आगे हाईकोर्ट की युगल पीठ का जो भी आदेश होगा उस अनुरूप कार्रवाई होगी।

प्रो अशोक सिंह

कुलपति, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा

वर्जन

हाईकोर्ट के युगल पीठ का आदेश स्पष्ट है। उसी आदेश के अनुरूप प्रोफेसर अशोक सिंह कुलपति का कामकाज देख रहे हैं। आने वाले समय में जैसा निर्णय होगा उसका पालन किया जाएगा। बीच मे विश्वविद्यालय के कामकाज में थोड़ी दिक्कत जरूर आई थी लेकिन अब सब कुछ व्यवस्थित हो गया है। अब सामान्य तरीके से कामकाज चल रहा है।

विनोद एक्का

संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय

सरगुजा

Posted By: Nai Dunia News Network

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