Coronavirus Ambikapur News Update : अंबिकापुर। क्वारंटाइन सेंटर में अव्यस्थाओं को लेकर सोशल मीडिया में वीडियो वायरल करने के बाद युवक से कथित रूप से मारपीट करने का मामला शांत होता नजर नहीं आ रहा है। राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह ने भी बलरामपुर कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। रेणुका ने पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह ने बलरामपुर जिले के ग्राम डोरा स्थित क्वारंटाइन सेंटर के बाहर नियमों का पालन करते हुए फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ युवक से मुलाकात की। उन्होंने संपूर्ण घटना की जानकारी ली।

युवक ने केंद्रीय राज्यमंत्री को अवगत कराया कि उसे बलरामपुर के क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था। सेंटर में खाने, पीने की व्यवस्था सही नहीं थी। सोने, नहाने तक की उचित व्यवस्था प्रशासन द्वारा नहीं कराई गई थी। बुनियादी सुविधाओं के लिए क्वारंटाइन किए गए लोग परेशान थे। उन्होंने कई बार समस्याओं को लेकर प्रशासन को भी अवगत कराया था।

उनकी बात किसी जब नहीं सुनी तब उन्होंने समस्याओं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिससे प्रशासनिक अधिकारी नाराज हो गए। दो जिम्मेदार अधिकारी सेंटर में पहुंचे और गाली गलौच कर बाल पकड़ कर मारपीट करने लगे। युवक का आरोप है कि सेंटर में उसके साथ बुरी तरह मारपीट कर मोबाइल छीनने के लिए लात से मारी गई। वह ज़मीन पर गिरा तो ईंट से टकराया जिससे चोट आई है। चोट के निशान अभी भी मौजूद है। 7 दिन होने के बावजूद आज तक ईलाज नहीं कराया गया। डॉक्टरी मुलाहिजा भी नहीं कराया गया है।

युवक ने शिकायत दर्ज कराई है कि मनमाने तरीके से उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज दी गई है। संपूर्ण तथ्यों से अवगत होने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने नाराजगी व्यक्त करते हुए बलरामपुर जिले के कलेक्टर और एसपी से तत्काल निष्पक्ष जांच करते हुए कार्यवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि ऐसी व्यवस्था क्वारंटाइन सेंटरों में उपलब्ध कराई जानी चाहिए जिससे ऐसी परिस्थिति न बने, किसी को भी व्यवस्थाओं की कमी से परेशान न होना पड़े।

कमिश्नर, आईजी से भी शिकायत

बलरामपुर क्वारंटाइन सेंटर से जुड़े इस मामले में युवक के पिता ने सरगुजा कमिश्नर व पुलिस महानिरीक्षक से भी शिकायत की है। युवक को पहले बलरामपुर के क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था। उक्त घटना के बाद अचानक सेंटर में युवक के नहीं रहने पर परिजनों ने संदेह जताया था कमिश्नर व आईजी से क्वारंटाइन किए गए युवक को गायब कर दिए जाने की शिकायत की गई थी।

बाद में पुलिस की ओर से बताया गया था कि युवक को दूसरे क्वारंटाइन सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि बलरामपुर विकासखंड के डोरा क्वारंटाइन सेंटर में अचानक युवक को शिफ्ट कर दिया गया था। इस मामले में राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम पूर्व में ही प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर चुके हैं।

सुविधाओं की कमी है सेंटरों में

बलरामपुर जिले में दूरस्थ गांव के शासकीय छात्रावासों को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। जहां प्रवासियों की संख्या के अनुरूप सुविधाओं की कमी है। राजपुर विकासखंड के ग्राम बाटीडांड स्थित जिस क्वारंटाइन सेंटर से प्रवासी मजदूर कोरोना संक्रमित पाया गया, वहां भी बुनियादी सुविधाओं की कमी नजर आई। प्रवासी श्रमिकों की संख्या के अनुरूप कहीं भी पर्याप्त शौचालय नहीं है।

स्नानागार का भी अभाव बना हुआ है। ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जिससे प्रवासी श्रमिकों को एक दूसरे के संपर्क में आने से रोका जा सके। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए यह परिस्थिति किसी भी रूप में सही नहीं है। प्रशासन भी लाचार है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुरूप व्यवस्था कर पाना संभव ही नहीं है, क्योंकि सुविधाओं की भारी कमी से जूझना पड़ रहा है।

Posted By: Anandram Sahu

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