अंबिकापुर। केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव 14 मई को अंबिकापुर आ रहे हैं। कोयला की आपूर्ति को बढ़ाए जाने देशभर में चल रहे प्रयासों के बीच अंबिकापुर में रेल मंत्री के आगमन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेल मंत्री ओडिशा से होते हुए छत्तीसगढ़ आएंगे। दोनों राज्य कोयला उत्पादक के मामले में देश में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल है। यहां से उत्पादित कोयले की आपूर्ति आज भी वर्षों पुराने रेल लाइन के माध्यम से की जाती है। ऐसे में लोग कोयला परिवहन की गति बढ़ाने के साथ यात्री सुविधा के लिए वर्षों पुरानी प्रस्तावित रेल परियोजनाओं को रेल मंत्री के समक्ष रखने की तैयारी कर रहे हैं।रेल मंत्री अंबिकापुर में रेलवे संघर्ष समिति के अलावा व्यापारियों आम जनों उद्यमियों से भी मुलाकात करेंगे। ऐसे में पूरी मजबूती के साथ रेल मंत्री के समक्ष मांग रखने से कई परियोजनाओं का काम आरंभ होने की भी संभावना बढ़ गई है। सरगुजा क्षेत्र से रेल लाइन विस्तार के लिए कई नई रेल परियोजनाओं का सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा सर्वेक्षण रिपोर्ट रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है।हर साल बजट में रेल परियोजनाओं को शामिल किया जाता है लेकिन बजट के अभाव में इसकी मंजूरी नहीं मिल पाती। वर्तमान संकट के दौर में रेल मंत्री द्वारा अंबिकापुर में नई रेल परियोजनाओं का शिलान्यास किए जाने की संभावना बढ; गई है। केंद्रीय रेल मंत्री के आगमन को लेकर सरगुजा लोकसभा सदस्य और केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह भी उत्साहित हैं। वे भी अपने स्तर से सरगुजा अंचल की वर्षों पुरानी मांगों को रेल मंत्री के समक्ष पहले ही रख चुकी है। रेल मंत्री का यहां आना है महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसे समय में वह इस क्षेत्र में आ रहे हैं जब देश में कोयला के उत्पादन और परिवहन क्षमता को बढ़ाई जाती पूरी ताकत झोंकी जा रही है। केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह का कहना है कि उनके मंत्रालय और रेलवे मंत्रालय के अधिकारी लगातार एक दूसरे के संपर्क में है।

इन रेल लाइन का हो चुका सर्वेक्षण

भटगांव- प्रतापपुर -वाड्रफनगर रेनुकूट,17 अगस्त 2020 को सर्वेक्षण रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है ।

अंबिकापुर से गढ़वा (170 किलोमीटर) ,लागत 2763 करोड़ सर्वेक्षण रिपोर्ट 30 जुलाई2020 को भेजा जा चुका है ।

कोरबा से रेनुकूट वाया अंबिकापुर 331 किलोमीटर, लागत 4973.84 करोड़, सर्वेक्षण रिपोर्ट 14 जनवरी 2020 को भेजा जा चुका है ।

धरमजयगढ़ से अंबिकापुर वाया पत्थलगांव , लागत 1996.79 करोड़ ,सर्वेक्षण रिपोर्ट 24 जनवरी 2017 को भेजा जा चुका है ।

अंबिकापुर से रेनुकूट (म्योरपुर चोपन दिल्ली मेन लाइन, (145 किलोमीटर) लागत 1398 करोड़ सर्वेक्षण रिपोर्ट नौ मई 2016 को भेजा जा चुका है ।

कोरबा से सूरजपुर (173 किलोमीटर, लागत 2152 करोड़ सर्वेक्षण रिपोर्ट नौ फरवरी 2017 को भेजा जा चुका है ।

नई रेललाइन अंबिकापुर से झारसुगड़ा वाया बतौली, सीतापुर, पत्थलगांव, कोरबा (212 किलोमीटर) लागत 2542 करोड़ सर्वेक्षण रिपोर्ट 12 जनवरी 2016 को भेजा जा चुका है ।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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