अंबिकापुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। भाजपा सरकार में कृषि मंत्री रहे चंद्रशेखर साहू ने कहा कि सरगुजा जिला सांस्कृतिक, सामाजिक और प्राकृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र है। यहां सांस्कृतिक, सामाजिक और प्राकृतिक चीजें अद्भुत संदेश देती हैं।बड़े संभावना वाले जिले में सरगुजा शामिल है। फसलों की विविधता के कारण भी यहां की खेती समृद्ध है। सरगुजा की समृद्ध विरासत प्रेरणादायी है। माता राजमोहनी देवी की यह कर्मस्थली है। विश्व की प्राचीनतम नाटय स्थली भी यहीं है। कालिदास की प्रसिद्ध कृति मेघदूतम की रचना भी यही हुई है, इसी से यहां की सांस्कृतिक ,सामाजिक विरासत का अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में सरगुजा आहत व अपमानित है। ऐसी स्थिति में बदलाव आना सुनिश्चित है। हमारी कोशिश है इस आहत व अपमानित हुए सरगुजा को हम सम्मानित सरगुजा बनाने की राह में काम करें। पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू शनिवार को नईदुनिया सरगुा के ब्यूरो कार्यालय में सौजन्य भेंट करने पहुंचे थे।

नईदुनिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यसमिति की बैठक सरगुजा में इसलिए भी आयोजित की गई है कि यहां के मान, सम्मान व विकास को गति दी जा सके और एक अच्छी कार्ययोजना बनाई जा सके। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं कद्दावर आदिवासी नेता लरंग साय के साथ काम किया हूं। उस जमाने में रेल सुविधा को लेकर उन्होंने जो किया है वह बड़ी बात है। निश्चित रूप से उनकी पहल के कारण ही सरगुजा में रेल सुविधाएं शुरू हुई। पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू ने कहा कि सरगुजा मे प्रभु नाथ त्रिपाठी और कालांतर में पूर्व विधायक रविशंकर त्रिपाठी ने अल्प समय में विकास के लिए जो काम किया वह हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय व सरगुजा की अस्मिता के मुद्दे को हम लोगों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं ताकि आहत व अपमानित सरगुजा के सम्मान को पुन: वापस लाया जा सके।इस दौरान पूर्व मंत्री के करीबी मनीष मेहता भी मौजूद थे।

कई कृषि योजनाएं बंद, किसान पर कर रहे एहसान-

पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार आने के बाद कई कृषि की योजनाएं बंद होने की कगार पर हैं। वर्तमान सरकार जिस तरह काम कर रही है वह किसानों परेशान करने जैसा है। किसानों के हित पर काम करने की बात यह सरकार कर रही है पर धरातल पर शून्य है। यहां के किसान केवल धान उत्पादक नहीं है गन्नाा, राम तिल, दलहन, तिलहन उत्पादित करते हैं।आलू उत्पादन के साथ टमाटर का भी उत्पादन करते हैं। इस दिशा में सरकार काम नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि मैं जब कृषि मंत्री था तब मैनपाट में आलू की खेती को देखकर आलू अनुसंधान केंद्र की स्थापना के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार से स्वीकृति मांगी थी। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में प्रधानमंत्री व भारत सरकार की नई योजनाओं को लेकर बहुत काम करने की जरूरत थी पर इस सरकार ने इसे सीमित कर दिया है।

सरकार बताए केंद्र ने दिए 91 हजार करोड़-

पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने कभी भी छत्तीसगढ़ सरकार के साथ भेदभाव नहीं किया है।न तो कभी ऐसा दिखा है। धान खरीदी के लिए केंद्र सरकार ने 91हजार करोड़ उपलब्ध कराया है। इसमें लगभग 11हजार करोड़ से अधिक की राशि राज्य सरकार किसानों को बोनस देने के नाम पर इधर-उधर करने में लगी है। सरकार बताए कि केंद्र ने कितना दिया है। सरकार को इस को लेकर श्वेत पत्र भी जारी करना चाहिए। केवल केंद्र पर आरोप लगाकर अपनी कमियों को राज्य सरकार छुपाने का प्रयास न करें।

राजनीतिक लड़ाई में सरगुजा की हुई है उपेक्षा-

चंद्रशेखर साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के बीच राजनीतिक लड़ाई के कारण सरगुजा की उपेक्षा हुई है। सरगुजा से भेदभाव हुआ है। कई योजनाओं में कटौती की गई है। सरगुजा संभावनाशील क्षेत्र है किंतु आपसी लड़ाई में यहां का विकास रुक गया है।

पूरी ताकत से लड़ेगी भाजपा-

पूर्व मंत्री साहू ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव भाजपा छत्तीसगढ़ में पूरी ताकत से लड़ेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन व गरीब कल्याण के कामों को बूथ तक पहुंचाने का काम कार्यकर्ता करेंगे। हम बूथ स्तर को मजबूत बनाने में लगे हैं। भाजपा के न सिर्फ पदाधिकारी बल्कि एक-एक कार्यकर्ता इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए तैयारी कर चुका है। भारत सरकार की योजनाओं से हितग्राहियों को जिस तरह वंचित रखा गया है उसे भी लोगों तक हम पहुंचा रहे हैं।उन्होंने कहा कि चार लाख 82 हजार हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास मिलना था किंतु राज्य सरकार ने अपने हिस्से की राशि नहीं दी और इससे 16 लाख हितग्राहियों को आवास नहीं मिल पाया।यह मुद्दा पूरे प्रदेश में लोगों तक पहुंच चुका है।

टाऊ की फसल को कराया था अधिसूचित-

पूर्व कृषि मंत्री ने कहा कि सरगुजा फसल विविधता का केंद्र है।यहां तिब्बती फसल टाऊ कई इलाकों में आसानी से उगाया जा रहा है। मैं जब कृषि मंत्री था तब मैंने इसकी खेती को देखते हुए इसे अधिसूचित कराया जिससे अब किसानों को इसका लाभ मिलने लगा है। ऐसी फसलों को चिन्हित कर अधिसूचित करने की जरूरत है ताकि सीधे किसानों को लाभ मिले।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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