बालोद। ग्रामीणों की सुविधा व विकासपरक कार्यों के लिए शासन द्वारा ग्राम पंचायत क्षेत्रों में लाखों की लागत से अनेक विकास कार्य स्वीकृत किए जाते हैं, लेकिन अनेक ग्राम पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारियों की लापरवाही तथा भ्रष्टाचारपूर्वक कार्यों के चलते लाखों, करोड़ों का विकास कार्य भष्टाचार का नमूना बन कर रह जाता है।

ऐसा ही नजारा ग्राम पंचायत तमोरा में देखा जा सकता है, जहां लाखों का विकास कार्य भष्टाचार का नमूना बनकर रह गया है। ग्राम पंचायत तमोरा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत लगभग नौ माह पूर्व 12 लाख 12 हजार रुपये की स्वीकृति से ग्राम के मुख्य मार्ग स्थित शिव मंदिर डबरी तालाब गहरीकरण, पिचिंग कार्य तथा टोवाल निर्माण किया गया है जहां निर्माण के महज नौ माह के मध्य ही पिचिंग कार्य तथा टोवाल निर्माण कार्य दम तोड़ने लगा है।

तालाब पार की दिखने लगी गिट्टियां

गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य के चलते अभी से अनेक स्थान पर तालाब पार में दरारें उभर आई हैं. पानी निकासी का साधन नहीं होने से पानी निस्तारी के लायक भी नहीं रह गया है फिर भी ग्रामीण मजबूरी में उक्त तालाब में कभी भी घटना दुर्घटना की आशंका के मध्य निस्तारी कार्य कर रहे हैं। तालाब में लाखों की लागत से हुए निर्माण कार्य में निर्माण कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत तथा तकनीकी सहायक की लापरवाही तथा भ्रष्टाचारपूर्वक किए गए कार्य स्पष्ट देखे जा सकते हैं।

ग्राम पंचायत तमोरा में ही लगभग तीन चार वर्ष पूर्व स्वच्छ भारत मिशन के तहत हितग्राहियों के नाम पर लाखों की लागत से निर्मित शौचालय कचरे के ढेर में दफन हो गया है। वहीं लगभग सात माह पूर्व महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के तहत स्वीकृत 4 लाख रुपये की लागत से कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा शिव मंदिर डबरी तालाब के तट पर ही सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया जा रहा है, जोकि कि सात माह की अवधि बीत जाने के बाद भी पूर्ण नहीं हो पाया है। सामुदायिक शौचालय निर्माण में भी कार्य की गुणवत्ता पर किसी का कोई ध्यान नहीं है।

निर्माणाधीन शौचालय के एक ओर तालाब है तो दूसरी ओर नाली, ऐसे में ग्रामीणों को उक्त शौचालय का कोई लाभ मिलने वाला नहीं है। महज राशि का दुरूपयोग करने तथा भ्रष्टाचार को अंजाम देने के नाम पर ही सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया जा रहा है. ग्राम पंचायत तमोरा के साथ ही ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम नागाडबरी में भी शासन द्वारा स्वीकृत लाखों करोड़ों रूपयों की लागत से विकास कार्यों के नाम पर पूर्णतः भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है जो जांच का विषय है।

सफाई करवाएंगेः सरपंच

इस मामले में तमोरा सरपंच अजय निषाद ने कहा कि शौचालय के आसपास को एक सप्ताह पहले साफ सफाई करवाया था। ग्रामीणों द्वारा फिर कचरा डाल दिया गया है। कल परसो साफ सफाई करवा दूंगा। तालाब का भी साफ सफाई करवाई करवाई गई, लेकिन फिर गंदगी हो गई है उसे भी साफ सफाई करवाऊंगा ।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local