दल्लीराजहरा। किसानों को नियमित खेतों का निरीक्षण किए जाने की सलाह फसल विशेषज्ञों ने दी है और कहा है कि खेतों का निरीक्षण करते रहने से फसल अच्छी रहेगी उन्होंने फसल बेहतर के विशेष टिप्स दिए। मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह के अनुसार डौंडी ब्लाक के किसानों को धान के खेतों की नियमित निगरानी करते रहने की सलाह दी गई है। अत्यधिक पानी खेत की सतह पर अवसाद पैदा करता है और युवा पौधों को नुकसान पहुंचाता है।

यदि फसलें तीन दिन से अधिक समय तक पानी में रहें तो पूरी फसल उत्पादन नष्ट हो सकती है। खेत की सतह को समतल करने के लिए मिट्टी के कृषकों का उपयोग करके खड़े पानी को हटाया जा सकता है और खेत के किनारों के चारों ओर कुंड बनाने के लिए हल किया जा सकता है। अच्छी पैदावार के लिए किसानों को निरंतर खेतों का निरीक्षण करते रहने की भी सलाह दी जाती है। जिससे कि अगर फसलों में कोई बीमारी आती है या फिर फसलों को किसी चीज की जरूरत होती है, तो इसका समय पर पता लग सके।

वहीं विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल फसलों में कोई बीमारी आए तो उसका, तुरंत विशेषज्ञों की सलाह से ही उपचार करना चाहिए। बीमारी का सही उपचार ही फसलों को सुरक्षित बचा सकता है। अगर गलत दवाई का छिड़काव कर दिया तो इसका नुकसान भी हो सकता है। धान की फसल में कन्से निकल रहे हैं। उन्हें नत्रजन की दूसरी मात्रा का छिड़काव करने कहा गया है, जिससे कन्से की स्थिति में सुधार आएगा।

रामतिल व कुलथी की बुआई करें किसान

कम वर्षा वाले स्थानों में जहां बुआई नहीं हुई हो वहां रामतिल एवं कुलथी की बुआई के लिए तैयारी करने की सलाह जारी की गई है। आगामी मौसम को ध्यान में रखते हुए बागवानी फसलों के लिए भी सलाह जारी किया गया है। बैंगन की फसलों में खेतों में जहां पानी भरा हो वहां जल निकास की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। गोभी वर्गीय सब्जियों का थरहा तैयार करने के भी सलाह जारी किए गए हैं। किसानों के लिए मृदा-भूमि तैयारी के लिए भी सलाह जारी की गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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