बालोद। जिले में तीन नए आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले जाएंगे। जिसमें बालोद जिले के लिए नया बाजार दल्ली राजहरा, देवरी बंगला व गुंडरदेही में इसी शैक्षणिक सत्र में खुलेगा। विगत दिनों वित्त विभाग द्वारा सेटअप की मंजूरी प्रदान की गई है। एक साथ तीन-तीन स्कूलों की स्वीकृति से कांग्रेसियों में हर्ष का माहौल है। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन के पास हस्तलिखित पोस्टर तैयार कर मुख्यमंत्री के प्रति विशेष आभार प्रदर्शन किया। तो वहीं, गुंडरदेही क्षेत्र में दो-दो स्कूल की स्वीकृति पर कांग्रेसियों ने खुशी मनाई। कुछ पोस्टर में कका अभी जिंदा है थीम पर बनाए गए थे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के सम्मान में नारे भी लगाए।

इस अवसर पर एनएसयूआई पूर्व प्रदेश सचिव जितेंद्र पांडेय, पूर्व जिला अध्यक्ष कुलदीप यादव, बालोद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शुभम मिश्रा, लकी सिंहा, दिव्यम शर्मा,तिलक देशमुख, प्रशान्त बघेल,शिवम महोबिया, योगेश सोनी,सूरज चंद्राकर,वेदप्रकाश, विशजीत, सागर, पोषकरण, गजेंद्र मांडले, गोपी बघेल, ऋषि कांत बघेल, शेखर, अश्वनी, यतांशु, सहित अन्य सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

शिक्षा के क्षेत्र में आएगी क्रांति और मजबूती

एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश सचिव जितेंद्र पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री की इस पहल से बालोद जिला सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति और मजबूती आएगी। बालोद जिले के बच्चों को अब अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई के लिए निजी स्कूलों पर निर्भरता कम होगी और अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा सरकारी आत्मानंद स्कूलों में मिलेगी।

प्रशिक्षण शिविरः 12 स्थानों पर संस्कार शाला खोलने लिया संकल्प

गायत्री प्रज्ञा पीठ डौंडीलोहारा में एक दिवसीय बाल संस्कार शाला आचार्य प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ देवार सिंह सहारा, झाडूराम, केजू राम इसदा, व्यवस्थापक भोलाराम साहू, वारुणी दिल्लीवार ट्रस्टी के द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। भोलाराम ने कहा कि राष्ट्र को गढ़ने व नव सृजन के लिए बच्चों को संस्कार देने के लिए संस्कार शाला अत्यंत आवश्यक है। प्रोजेक्टर के माध्यम से मिलन सिन्हा ने युवाओं से आवाहन किया की राष्ट्रीय कर्तव्य का निर्वहन करते के लिए समाज सेवा करने दो घंटे का समय दान कर बाल संस्कार शाला अवश्य चलाएं। इस शिविर में बाल संस्कार शाला खोलने के लिए आवश्यक सामग्री संसाधन, कठिनाई,समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई।

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