बालोद (नईदुनिया न्यूज)। इस साल धान खरीदी के नए सत्र से शासन के निर्देश पर कई जगह नई खरीदी केंद्रों की शुरुआत की गई है। पहले जहां बालोद जिले में 69 सोसाइटी के अंतर्गत 110 केंद्रों से खरीदी होती थी तो वहां इस बार 126 के केंद्र से खरीदी हो रही है। कई जगह पर छोटे-छोटे उपकेंद्र नए खोले गए हैं। जिससे किसानों को अब पहले से ज्यादा नजदीक में ही सुविधा मिलेगी। पहले जहां लोग 10 से 12 किलोमीटर दूर धान बेचने जाते थे। वहां अब एक से दो किलोमीटर दूर में ही धान बेच सकेंगे। मंगलवार को नवीन खरीदी केंद्र ग्राम घीना में ग्राम पंचायत घीना व हड़गहन गांव के किसानों ने धान बेचकर शुरुआत की। हड़गहन के किसानों ने कहा कि पहले वे सुरेगांव जाते थे जो बहुत दूर था। टोकन कटवाने के लिए सुबह चार बजे से जाना पड़ता था। भीड़ बहुत होती थी। तो वहीं घीना के किसानों ने कहा कि हमें नवागांव जाना पड़ता था। सड़क भी खराब थी लेकिन अब गांव में ही हम धान बेच सकते हैं। इसके लिए वहां के किसानों ने संसदीय सचिव व विधायक कुंवर सिंह निषाद का भी आभार जताया। इस दौरान अतिथि के रूप में सरपंच हड़गहन नंदकुमार ठाकुर, उपसरपंच घीना डालचंद जैन, सरपंच घीना बिंदु तारम, निर्मला तारम, थलेश्वरी चोरिया, रामेश्वरी साहू, विधायक प्रतिनिधि नरेंद्र निषाद, नेतराम, किसान महा सिंह, खोमेश्वर ठाकुर, मोतीलाल साहू, प्रहलाद साहू, भागवत, धर्मेंद्र सिन्हा सहित अन्य मौजूद रहे।

कुरदी में इस बार मूल रूप से खुली सोसायटी

ग्राम कुरदी में पहले से सोसायटी थी लेकिन पिरिद के नाम संचालित थी। अब यहां अलग से कुरदी के नाम से ही सोसायटी संचालित की जा रही है। वहीं पिरिद सोसायटी को उसी गांव में स्थानांतरित कर दिया गया है। कुरदी में सरपंच संजय साहू सहित अन्य अतिथियों ने मास्क लगाकर पूजा-अर्चना कर धान खरीदी की शुरुआत की। इसी तरह ग्राम सांकरा ज में भी अतिथि ने पूजा-अर्चना कर खरीदी शुरू की। यहां भी दरबारी नवागांव में उपकेंद्र शुरू किया गया है।

मोहलाई के किसानों की मांग कुरदी में बेचना है धान

इधर पहले कुरदी क्षेत्र से जुड़े हुए मोहलाई के किसानों को अब पिरिद सोसाइटी से जोड़ दिया गया है। जहां पहुंचने के लिए रास्ता भी नहीं है। किसानों को कुरदी होकर घूमकर जाना पड़ेगा इसलिए वहां के किसानों सहित सरपंच ने संसदीय सचिव के नाम से ज्ञापन देकर इस गांव के किसानों का धान कुरदी सोसाइटी में ही बेचने की मांग की गई है। किसानों का कहना है कि हम पहले से कुरदी में धान बेचने आते रहे हैं। यही नजदीक पड़ता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस