बालोद। नईदुनिया न्यूज

जिले में पारा 43 डिग्री के पार पहुंच गया है। इससे आम जनता के सेहत पर प्रतिकूल असर हो रहा है। निर्जलीकरण, उल्टी व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्पताल में इलाज कराने वालों की भीड़ बढ़ गई है। वहीं दोपहर में सड़क पर सन्नााटा छाने के कारण व्यवसाय पर भी प्रभावित हुआ है। इस मसले पर जब नईदुनिया की टीम ने कुछ मरीजों से चर्चा की तो अजय देवांगन, वेदप्रकाश साहू, हेमचंद साहू ने बताया कि अचानक तेज बुखार आया और सांस लेने में तकलीफ हुई। पैरासिटामॉल लेने पर भी बुखार कम नहीं हुआ। बुखार के कारण बेहोशी आने लगी और बेहोशी में वरुण कुछ भी बड़बड़ाने लगा। उसकी हालत बिगड़ते देख परिजन डॉक्टर प्रदीप जैन के पास ले गए। तब तक बुखार 104 डिग्री हो गया था। उसे डाक्टर ने भर्ती किया। हवा में नमी कम होने से लू का असर है। लू से पीड़ित हर दूसरा मरीज अस्पताल आ रहा है। अस्पताल के डाक्टरों का कहना है कि यदि हीट स्ट्रोक के गंभीरता से नहीं लिया गया तो मरीज का मानसिक संतुलन खराब हो सकता है, कोमा में जा सकता है लापरवाही करने पर मौत भी हो सकती है।

बॉक्स-हीट स्ट्रोक के लक्षण

डा प्रदीप जैन ने बताया कि तेज बुखार में शरीर का तापमान 104 डिग्री या इससे अधिक हो सकता है। बुखार के साथ बेहोशी होती है। नाड़ी व खून की गति तेज, सिर में भारीपन, उल्टी होना या जी मचलाना, शरीर में ऐंठन, हाथ-पैर के तलुओं में जलन के लक्षण होतें हैं। इसके अलावा मरीज उल्टी-सीधी बातें करने लगता है।

बॉक्स-बचाव के लिए क्या करें

डा प्रदीप जैन ने कहा लू से बचने के लिए ठंडी जगह पर रहें। थोड़ी-थोड़ी देर में पानी या पना, छांछ जैसा लिक्विड पीते रहें। जिससे शरीर में पानी की कमी न हो। ढीले और सूती कपड़े पहनें जो पतले हों सिर को ढंक कर रखें, टोपी पहनें। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकले। कमरे के तापमान को कम कर दें। खिड़कियां खोल दें, पंखा चलाएं और थोड़े पानी का छिड़काव करें। ठंडे पानी से मरीज के शरीर को स्पंज करें। अगर मरीज में कोई सुधार न दिखे तो तुरंत अस्पताल ले जाएं।

बॉक्स-क्या न करें

1.चिलचिलाती धूप और गर्मी में बाहर न घूमें।

2.बिना छाते के धूप में न चलें।

3.काले और भारी कपड़े न पहनें।

4.खाली पेट घर से न निकलें।

बॉक्स-हीट क्रैम्प

हीट स्ट्रोक के साथ ही तेज गर्मी में लोगों को हीट क्रैम्प भी परेशान कर सकता है। जिसमें शरीर में सूजन और बेहोशी के अलावा शरीर का तापमान 102 डिग्री के नीचे चला जाता है।

बॉक्स-कुछ घरेलू उपाय

लू गलने की मुख्य वजह शरीर में पानी की कमी होती है। लू लगने में प्याज का जूस काफी मददगार होता है। इसे कान, छाती और पैरों पर अच्छी तरह से लगाएं। हर दिन एक चम्मच प्याज का जूस थोड़े से शहद के साथ मिलाकर पी भी सकते हैं। छांछ और लस्सी रोजाना पीएंगे तो खुद को हीट स्ट्रोक या लू लगने से बचा पाएंगे। लू से बधाों का खास खयाल रखें। बधाों को पानी के साथ-साथ ग्लूकोज, जूस, छाछ और नारियल पानी जैसी चीजें भरपूर मात्रा में लें। आम का पना और गन्नो का रस भी लू लगने से बचाता है।

बॉक्स-लक्षण

शरीर में पानी की कमी से थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सिर दद, डार्क यलो रंग की यूरिन, उल्टी व खूब पसीना आना।

बॉक्स-सिर पर रखें ठंडे पानी की पट्टी

डॉ. प्रदीप जैन ने नईदुनिया को बताया की इस समय हमारे पास हीट स्ट्रोक के मरीज बहुत आ रहे हैं। तेज बुखार आने पर गीले कपड़े से शरीर को ढंक कर पंखा चला दें। सिर पर गीले कपड़े की पट्टी रखें। बर्फ के टुकड़ों को कपड़े में बांध कर हाथों की बगल में रखें। इससे शरीर का बुखार जल्दी उतरता है। लापरवाही न करें, मरीज को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags