दल्लीराजहरा। नईदुनिया न्यूज

दल्ली यंत्रीकृत खदान के प्रचालन विभाग एवं ड्रिलिंग विभाग के डंपर, शावेल एवं ड्रील के सैकड़ो कर्मचारियों ने दो वर्षों से उनको मिलने वाली यूनिफार्म व गरम कपड़ा नहीं मिलने पर प्रबंधन से नाराज होकर संयुक्त खदान मजदूर संघ (एसकेएमएस) यूनियन के नेतृत्व में गुरुवार को प्रथम पाली में सुबह छह बजे से पाली के शुरू होते ही काम बंद कर दिया।

विदित हो कि प्रबंधन की कोताही से उक्त कर्मचारियों को मिलने वाला यूनिफार्म विगत दो वर्षों से 2018 एवं 2019 का तथा इसी अवधि का दो वर्षों का मिलने वाला गरम कपड़ा विगत 19 माह से भी नहीं दिया जा रहा है। यूनियन के उपाध्यक्ष अरिंदम चौधरी भी इसी विभाग में कार्यरत है। उन्होंने आंदोलन को अपने हाथों में लेते हुए सफलतापूर्वक आंदोलन का नेतृत्व कर काम बंद करने और आंदोलन को 4ः30 घंटा तक चलाया। लगभग सुबह 9ः30 बजे से जीएम आईओसी तथा डीजीएम दल्ली के हस्तक्षेप के बाद प्रोडक्शन मैनेजर पर्सनल के दो अधिकारी आंदोलन स्थल पर आकर लगभग एक घंटे तक कर्मचारियों से बातचीत किए। तब जाकर प्रबंधन की ओर से कहा गया कि दिनांक 22 जुलाई से कर्मचारियों को मिलने वाला 2018 का यूनिफार्म तथा गर्म कपड़ा वितरण किया जाएगा। 2019 का यूनिफार्म तथा गर्म कपड़ा दिए जाने की तिथि दिनांक 23 जुलाई को संयुक्त खदान मजदूर संघ की बैठक कर बता दिया जाएगा। आश्वासन के बाद लगभग 10ः30 बजे कर्मचारियों ने आंदोलन समाप्त कर उत्पादन शुरू किया। इस आंदोलन से प्रबंधन का लगभग 2000 टन लौह अयस्क का उत्पादन ठप रहा। जिसका आंदोलनरत कर्मचारियों ने एहसास करते हुए प्रबंधन से इस पाली में डेढ़ घंटा अतिरिक्त कार्य कर उस 2000 टन के घाटे की भरपाई कर देने की बात प्रबंधन से कहीं । संयुक्त खदान मजदूर संघ के उपाध्यक्ष अरिंदम चौधरी ने इस आंदोलन की शत-प्रतिशत सफलता का श्रेय विभाग के समस्त कर्मचारियों को दिया। आंदोलन में नरेंद्र जैनबंधु, पुरुषोत्तम सिंह, शिव चालके, निंटु दत्ता, संजय देवनाथा, मृत्युंजय सुतार, बीबी पांडे, आर मूर्ति, एके मिश्रा, सत्यवान साहू सहित अन्य कर्मी थे।