बालोद। नईदुनिया न्यूज

जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में सावन माह की तीसरे सोमवार और नागपंचमी के दुर्लभ संयोग होने से शिवालयों में सुबह से ही भक्तों का ताता लगा रहा। सुबह से मंदिरों में ओम नमः शिवाय की गूंज रही। जिले के सबसे बड़े आस्था का केंद्र दशोंदी तालाब स्थित जलेश्वर महादेव का पूजन करने के लिए सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ रही । दूरदराज से महिलाएं व पुरुष जलेश्वर महादेव पहुंच कर पूजा-अर्चना की । सावन सोमवारी के तीसरे सोमवार को भी देवों के देव महादेव के दर्शन पूजन के लिए प्रमुख शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ा । भक्तों का शिव के दरबार में पहुंचने का सिलसिला सुबह से शुरू हो गया । मंदिरों में पहुंचने वाले भक्त बाबा का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक करने के साथ ही उनको फूल-माला, भांग-धतूरा आदि अर्पित कर अपने और परिवार की सुख समृद्घि की कामना की।

राम मंदिर के शिवलिंग का विशेष श्रृंगार

जिला मुख्यालय के सदर मार्ग में स्थित श्रीराम मंदिर में स्थापित अष्ट धातु से बनी शिवलिंग का विशेष रूप श्रृंगार किया गया। सावन सोमवारी के अवसर पर भक्तों ने शिवलिंग को गुलाब के फूल, धथूरा का फूल, बेल पत्ती गेंदे व विभिन्ना प्रकार के फूलो से सजाया गया था।

इस मनोरम दृश्य को लोगो ने अपने मोबाइल व कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया में भी शेयर कर रहे हैं। सावन सोमवारी के अवसर पर दशोंदी तलाब को आकर्षक रूप से सजाया गया हैं। इस दौरान जलेश्वर महादेव प्रमुख यज्ञदत्त शर्मा व उनकी पत्नी रंजना शर्मा ने सुबह से ही विशाल शिवलिंग को बेल पत्र, सामी दूध, गंगाजल अर्पित कर हवन पूजन किया गया। इस दौरान आने वाले भक्तों के लिए जो पूजन सामग्री नहीं ला पाए हैं उनके लिए मां जी फाउंडेशन के द्वारा बेल पत्र, फूल दूबी, सहित अन्य पूजन सामग्री दिया गया।

वहीं भक्तों को हवन पूजन में शामिल होने का अवसर दिया जा रहा हैं। बालोद के मंदिर समिति द्वारा आने वाले भक्तों को पेड़ा व नारियल का प्रसाद दिया गया। सावन के तीसरे सोमवार को भी जिले के शिवालयों में आस्था की भीड़ देखने को मिली। सोमवार को सुबह से ही भक्तों द्वारा शिव के दर्शन-पूजन के लिए प्रातः स्नान कर शिवालयों में पहुंचे। यह क्रम सुबह से पूरे दिन जारी रहा। शिवालयों में पहुंचे भक्त भोले भंडारी का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक करने के साथ ही उनके चरणों में फूल-माला, भांग-धतूरा, बेल पत्र आदि अर्पित कर उनका पूजन-अर्चन करते हुए परिवार की सुख-समृद्घि की कामना करते रहे। दर्शन-पूजन के लिए सबसे अधिक भीड़ जलेश्वर महादेव, शीतला मंदिर, राम मंदिर, हनुमान मंदिर, रेलवे फाटक के शिव मंदिर, मोखला मांझी मंदिर, पुराण बस स्टेण्ड के शिव मंदिर में लोगो की भारी भीड़ देखी गई।

तीसरे सोमवार को महासयोंग

भगवान शिव को अत्यंत प्रिय मास श्रावण मास है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष नागपंचमी के दिन सर्प पूजन का विधान है। सर्वविदित है कि भगवान शिव के अलंकरण में नागों का विशेष महत्व है। इसलिए इस साल नागपंचमी और सोमवार का दुर्लभ योग बनने से शिवालयों में सुबह से ही भक्तों का ताता लगा रहा। भगवान शिव के साथ नाग देवता की भी पूजा-अर्चना की गई। साथ ही महिलाओं द्वारा नाग देवता को दुग्धाभिषेक करने के साथ ही उनको फूल-माला आदि अर्पित कर अपने और परिवार की सुख-समृद्घि की कामना की। इस दौरान जिले भर के मंदिरों में कई धार्मिक आयोजन भी हुए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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