दल्ली राजहरा। नईदुनिया न्यूज

छत्तीसगढ़ शासन के बिना रायल्टी रेत परिवहन पर लगाए गए प्रतिबंध का डौंडी ब्लाक में कोई असर नहीं है। ब्लाक की कई सदाबहार नदी-नालों से अवैध रेत उत्खनन और बेलगाम अवैध परिवहन लगातार जारी है। चिखली के समीप पुल पर ही रेत के अवैध कारोबारी रेत निकाल पुल के आसपास की जगह की खोखला कर रहे है। बता दें कि पुल के पास रेत निकाले जाने से पुल के पिलर कमजोर होने का खतरा बढ़ गया है।

रेत चोर गांवों में सड़क किनारे रेत डंप कर महंगे दामों में बेच रहे हैं और शासन को चुनौती दे रहे हैं। गौरतलब है ब्लाक में वन विभाग के कर्मियों को अपनी नाक के नीचे हो रहे अवैध उत्खनन की जानकारी न होना समझ से परे है। रेत का अवैध उत्खनन कर परिवहन कर रहे माजदा और ट्रैक्टरों को वन अमला आंख मूंद जाने देता है। जिसके बाद चोरों के हौसले बुलंद हैं। डौंडी वन परिक्षेत्र अधिकारी भी इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। वन विभाग अगर नियमानुसार काररवाई करता है तो माजदा व ट्रैक्टर मालिकों पर वन संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत काररवाई हो सकती है।

कई हैं सदाबहार नदी-नाले

बता दें कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र डौंडी के अनेक ग्रामों में सदाबहार नदी-नाले हैं। जहां उक्त नदी नालों के पुल-पुलिया व बंधानों पर बहुतायत मात्राओं में रेत का ठहराव होता है। सूत्रों के मुताबिक यहां अवैध रेत माफियाओं द्वारा भोले-भाले जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों को ग्राम समिति में आमदानी पहुंचाने के बहाने महज दो से तीन सौ रुपये प्रति ट्रिप ट्रैक्टर, ट्रक और माजदा में लाभ बताकर यही रेत प्रति ट्रिप जरूरतमंदों को 2500 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक बेचते हैं। प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित जगहों के अलावा अन्य स्थलों से रेत परिवहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके लिए प्रदेश भर में खनिज विभाग को कड़ा रुख अपनाने एवं ईमानदारी पूर्वक कार्य करने कहा गया है।इसके बावजूद बगैर परमिशन वाले स्थानों से अवैध रेत परिवहन कार्य निरंतर जारी हो रहा है। यही नहीं रेत चोरों द्वारा बारिश के सीजन में खुलेआम अवैध रूप से रेत डंप कर रखी जा रही है।

बताया जाता है कि डौंडी ब्लाक के ग्राम चिखली, कुर्रूटोला, पेंड्री, पचेड़ा, सिंगनवाही, खुर्सीटिकुल, उरझे, लैनकसा, अवारी, कुवागोंदी, सुरडोंगर, बम्हनी, लिमऊडीह, हर्राठेमा ,पटेल, नयापारा, मरारटोला, कुसुमटोला, चिखली आदि ग्रामों के आसपास नदी-नालों से लगातार खनन हो रहा है।

कई छुटभैये नेता भी जुटे

दल्ली राजहरा, कुसुमकसा और डौंडी के कांग्रेस व भाजपा के छुटभैये नेता वर्षों से रेत के अवैध उत्खनन में लगे हैं। कुसुमकसा के कुछ छुटभैये नेता भी रेत और मुरुम के अवैध उत्खनन में जुटे हैं। डौंडी तहसील क्षेत्र में एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खनिज इंस्पेक्टर की ड्यूटी होते हुए भी रेत चोरो के हौसले बुलंद हैं। वही गुंडरदेही व बालोद क्षेत्र में अधिकारियों ने अवैध रेत से भरी गाड़ियों को गुंडरदेही व बालोद थाने में पकड़ा है।

दल्ली राजहरा में भी रेत माफियाओं की लंबी फेहरिस्त है।आलम यह है कि नगर पालिका के सभी छोटे बड़े निर्माण कार्यो में इन्ही छुटभैये नेताओं के टिप्पर से अवैध रेत की खुलेआम सप्लाई की जाती है। बता दें कि लिम्हाटोला में अवैध रेत डंफ कर समूचे राजस्व तथा खनिज विभाग को चुनौती देने वाले सरकारी शिक्षक पर अभी भी कार्यवाही नहीं हुई है। सुरडोंगर के सरकारी स्कूल में पदस्थ लिमहाटोला निवासी शिक्षक पर जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। जिससे इनके हौसले बुलंद है। सूत्र बताते है कि यह शिक्षक अपने क्षेत्र में खुलेआम रेत का अवैध उत्खनन कर रहा है।