बालोद। नईदुनिया न्यूज

जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में गुरुवार को नगर में कई स्थानों पर हवन हुआ, तो कही गणेश विसर्जन यात्रा धूमधाम से निकाली गई। विसर्जन यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों दल्ली चौक, फौव्वारा चौक, मधु चौक, जयस्तम्भ चौक से होकर गुजरी। गुरुवार को सुबह मंदिर में भगवान गणेश जी की पूजा-अर्चना के बाद बैंड-बाजे व डीजे की धूम के साथ विसर्जन यात्रा निकाली गई।

यात्रा में श्रद्घालुओं द्वारा लगाए जयघोष से वातावरण भक्तिमया बना हुआ था। पंडालों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं के पूजन-अर्चन के लिए श्रद्घालुओं की भीड़ रही। लोगों ने आरती उतारकर पूजा की। शहर के विभिन्ना स्थान में गणेश प्रतिमा की स्थापना की गई थी। पूरे रास्ते में प्रसाद वितरण किया गया। शहर में आमापारा, बुधवारी बाजार, चिनार काम्प्लेक्स, गंजपारा, योगीनाथ चौक सहित कई स्थानों पर स्थापित गणेश प्रतिमाओं के पूजन को श्रद्घालुओं की भीड़ रही।

गणेश पर्व में हुई जमकर बारिश

एक ओर गणेश पर्व की पहले जिस तरह से जिले में बारिश को लेकर किसानों में काफी चिंता देखी जा रही थी। लेकिन विध्नहर्ता के पर्व के शुरू होने के साथ ही पूरे गणेश पर्व के दौरान मौसम की मेहरबानी रही। अंचल में अच्छी बारिश भी हुई। इसके चलते किसानों में खुशी स्वाभाविक कही जा सकती है। इसके अतिरिक्त लगातार बारिश होने के चलते जहां किसानों ने राहत की सांस ली। वहीं दूसरी ओर बिजली की किल्लत से भी लोगों को राहत मिली है। वहीं बारिश से विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी राहत के सांस लिए हैं।

बप्पा के दर्शन को पहुंचे नगर सहित ग्रामीण अंचलों के लोग

गणेशोत्सव पर्व के 10वें दिन गुरुवार को शाम से ही सड़कों पर भीड़ बढ़ने लगी। गणेश पंडालों में सुंदर प्रतिमाओं के दर्शन करने और स्थल सजावट देखने के लिए श्रद्घालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। सदर बाजार इलाके में मेले जैसा माहौल रहा। पिछले 10 दिनों से घर-घर में विराजित की गई छोटी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला गुरुवार से शुरू होकर लगातार चार दिनों तक चलेगा। सुबह से लेकर शाम तक हवन-पूजन के पश्चात छोटी प्रतिमाएं विसर्जित की गई। पंडालों में विराजित बड़ी प्रतिमाओं को दो दिन बाद निकलने वाली झांकी के बाद विसर्जन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार 14 सितंबर की रात बालोद में विसर्जन झांकी निकाली जा रही है और चूंकि बालोद में अनेक झांकियां राजनांदगांव, शहर से लाकर बालोद में उसका पुनर्निर्माण किया जाता है, इसमें कम से कम एक दिन का समय लगता है. इसके चलते बालोद में 14 सितंबर की रात झांकी निकाली जाएगी।

ग्रामीण अंचलों में रही गणेश विसर्जन की धूम

शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण अंचलों में भी गणेश विसर्जन की धूम रही। जहां शहर में बैंड व डीजे के साथ विसर्जन यात्रा निकाली गई तो वहीं ग्रामीण अंचलों में बाजे गाजे के साथ विसर्जन यात्रा निकाली गई। ग्रामीण अंचलों में गणेश विसर्जन के दिन काम धाम बंद रखा जाता है व विसर्जन यात्रा में बधाों के साथ-साथ बड़े बुजुर्ग भी शामिल रहते है। ग्राम हीरापुर, जगतरा, जमरूवा, झलमला, सिवनी, पाररास, तरौद तथा अन्य ग्रामों में भी गणेश विसर्जन की धूम रही जहां ग्रामीणों को गणेश विसर्जन करने में बड़ा मजा आता है वहीं बप्पा के अगले वर्ष आने का इंतजार करते है।