बालोद। नईदुनिया न्यूज

27 अक्टूबर को दीवाली पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारी जोर-शोर से की जा रही है। शहर के बाजार में दीवाली का रंग चढ़ने लगा है। एक ओर जहां रोशनी के इस पर्व पर घरों की साज-सज्जाा की सामग्री से बाजार रंगीन होने लगे हैं। वहीं दूसरी ओर दीवाली के लिए मिट्टी से सामान बनाने वाले कुम्हार सगदेव राम कुम्भकार मां लक्ष्मी की प्रतिमा को अंतिम रुप देने में जुटे हैं। कुम्हार मिट्टी से निर्मित सामग्रियों को लेकर बाजार पहुंच चुके है। वैसे इस पर्व के लिए खरीदारी का दौर अभी अपेक्षाकृत धीमा है, लेकिन जैसे जैसे त्योहार नजदीक आएगा, वैसे ही बाजार में रौनकता दिखने लगेगी। दीवाली बाजार में त्योहारों का रंग चढ़ा है। दीवाली नजदीक आ चुकी है, इसलिए इस पर्व का असर भी दिखने लगा है। जगह जगह दीवाली पर खरीददारी के लिए विशेष सामग्री दुकानों के बाहर सजने लगी है। कई तरह के नए गिफ्ट आइटम और दूसरी मनमोहक चीजें बाजारों में निकलने से लोगों का ध्यान खींचने लगा है। घरों को चमकाने के लिए पेंट की दुकानों पर भी अच्छी भीड़ देखने को मिल रही है।

रंगोली की मांग बढ़ी

दीवाली पर घर और आंगन की सुंदरता में चार चांद लगाने रंगोली की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। जिसके लिए बाजार में हर तरह के रंगोली उपलब्ध है। इसके साथ ही फूलों और एक से बढ़कर एक कलाकृतियों का रेडीमेड सांचा उपलब्ध है, जिसकी खूब बिक्री हो रही है।

मिट्टी निर्मित सामग्रियों को बनाने में जोर शोर से जुटे कुम्हार

दीपावली के मौके पर लोग ग्वालिन, लक्ष्मी की मूर्ति घर में लाकर पूजा-अर्चना करते हैं। जिसे देखते हुए शहर के कुम्हार मूर्ति और ग्वालिन को अंतिम रुप देने में जुटे हैं। इस बार बाजार में चीनी निर्मित सामग्रियों पर प्रतिबंध के चलते मिट्टी निर्मित सामग्रियों की अच्छी बिक्री की उम्मीद है। बालोद से महज चार किलोमीटर ग्राम बघमरा के कुम्हार ने बताया कि वह सालों से मिट्टी से सामग्री बनाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मिट्टी के दीये, ग्वालिन, लक्ष्मी मां की मूर्ति आदि बनाने के लिए माता-पिता और पत्नी के साथ उनके बधो भी हाथ बंटा रहे हैं। कोई मिट्टी से निर्मित मूर्तियों में रंग चढ़ा रहे हैं। कौशल कुम्भकार ने बताया कि दीपावली पर्व पर धन लक्ष्मी को प्रसन्ना करने के लिए मिट्टी के दीपक जलाए जाते हैं। मिट्टी से निर्मित चार, छह, बारह एवं चौबीस दीपों वाली मिट्टी की ग्वालिन की पूजा की जाती है इस बार उन्हें अच्छी बिक्री की उम्मीद है क्योंकि चीन के बने सामान का लोग विरोध कर रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network