बालोद । नईदुनिया न्यूज

धान खरीदी शुरु होने के 11 दिन बाद राज्य ने ट्रकों में लगाने के लिए जीपीएस और टेक्नीशियन भेज दिए है। सोमवार को नए निर्देश के बाद धान का परिवहन रोक दिया गया है। खरीदी केंद्रों में प्रशासन ने धान के उठाव के लिए डीओ काटना ही बंद करवा दिया है। अब यह प्रक्रिया तब ही शुरू हो पाएगी, जब सभी ट्रकों में सिस्टम लग जाएगा।

अभी सप्ताह भर का समय लगेगा। उसके बाद ही सभी केंद्रों में धान का उठाव हो पाएगा। एक दिसंबर से धान खरीदी तो शुरू कर दी गई है लेकिन पहली बार धान का उठाव इतने दिनों के बाद भी शुरू नहीं किया जा सका है। दुर्ग जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अंतर्गत दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिले में धान खरीदे जाने के बाद परिवहन की समस्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। सभी खरीदी केंद्रों में धान खरीदी की बफर लिमिट पार हो गई है। हाल यह है कि खरीदी केंद्रों में धान को सुरक्षित रखने के लिए जो इंतजाम किए थे वे फेल होने लगे हैं।

590 रुपये किराया व जीएसटी देना पड़ेगा

विभागीय सूत्रों के मुताबिक एक वाहन में जीपीएस सिस्टम लगाने पर ट्रांसपोर्टर को प्रति महीने 590 रुपये किराया देना होगा। इसके अलावा जीएसटी भी देना है। मार्कफेड को ट्रांसपोर्टर जीपीएस का किराया देंगे। जिन वाहनों में पहले से ही जीपीएस यदि ट्रांसपोर्टरों ने लगाया हुआ है तो उन्हें दोबारा लगाने की जरूरत नहीं है। जीपीएस का किराया महीने में भुगतान नहीं करेंगे तो राइस मिलरों के सुरक्षा निधि के रूप में जमा पैसे से भी कटौती करने का प्रावधान रखा है। जीपीएस लगाने के लिए निजी एजेंसी को काम दिया है।

अनुमति के लिए जरुरी है ये सिस्टम

बालोद दुर्ग और बेमेतरा जिले में धान का उठाव करने के लिए 1650 वाहनों की जरूरत पड़ती है। इन सभी वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाने के लिए राज्य से जीपीएस और टेक्नीशियन भेजे गए हैं। मार्कफेड द्वारा ट्रांसपोर्टरों को सूचित कर जीपीएस लगाने का काम चालू कर दिया गया है। इस सूचना के बाद सोमवार से धान का परिवहन शुरू करने की तैयारी धरी रह गई है। धान खरीदी केंद्रों में लिमिट से ज्यादा धान का स्टाक होने की रिपोर्ट के बाद प्रशासन धान का उठाव शुरू करने के लिए राइस मिलरों को परिवहन का डीईओ काटा था उसे भी रोकना पड़ा है।

सभी केंद्रों में बांटा गया टेबलेट

धान खरीदी केंद्रों में टेबलेट दिया गया है। इस टेबलेट से धान लोड कर भेजने का फोटो अपलोड करेंगे। टेबलेट भी जीपीएस सिस्टम से जुड़ा रहेगा। केंद्रों से वाहन धान लोड कर निकलेगा यह सिस्टम काम करना शुरू कर देगा। सभी मिलरों द्वारा उनके तय गोदाम की दूरी और रूट भी जीपीएस में फीड किया गया है। मार्कफेड में डैश बोर्ड लगाया गया है। जिसमें वाहन कहां जा रहा है यह दिखेगा। वाहन यदि खराब हो जाता है तो यह भी पता चलेगा। राज्य मार्कफेड आफिस में भी डैश बोर्ड के जरिए मानीटरिंग होती रहेगी।अधिकरियों के मुताबिक प्रत्येक वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाने के लिए राज्य से जीपीएस और टेक्नीशियन आया है। जिन वाहनों में ये सिस्टम लगेंगे उन्हे ही परिवहन की अनुमति होगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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