दल्लीराजहरा (नईदुनिया न्यूज)। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र डौंडी ब्लाक वनांचल क्षेत्र अपने विशिष्ट खाद्य पदार्थों के चलते विख्यात है। बारिश के महीने में जंगल में साल के पेड़ के नीचे निकलने वाले फुटू (मशरूम) स्वाद के साथ सेहत के लिए उत्तम है। इस समय ग्रामीण सुबह से ही फुटू खोजने निकल पड़ते हैं। इसे खाने के साथ बाजार में बेचने के लिए भी ले जाते हैं। फुटू औषधीय गुणों से भरपूर व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला माना जाता है। प्रकृति में मौजूद कई ऐसे खाद्य पदार्थ शरीर के लिए विभिन्ना पोषक तत्व प्रदान करते हैं। फुटू दीमक की बांबियों, पैरा, साल के पेड़ों और बांसों की ढेर में निकलता है। जंगलों और खेत-खलिहानों में प्राकृतिक और कृत्रिम रुप से उत्पादन किए जाने वाले औषधीय गुणों व पोषक तत्व से भरपूर फुटू की सब्जी का स्वाद बहुत ही लजीज होता है।

शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करता है फुटू

फुटू शरीर में प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करता है। वनांचल के खाद्य पदार्थों पर स्टडी कर रहे राकेश मंडावी व खिलावन यादव बताते हैं कि फुटू में कई ऐसे जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जिनकी शरीर को बहुत आवश्यकता होती है। सूरज की धूप के बाद पोषण आहार के रुप में विटामिन-डी तथा फाइबर का यह एक अच्छा स्रोत है। कई बीमारियों में औषधि के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसमें विभिन्ना प्रकार के पोषक तत्व जैसे खनिज एवं विटामिन पाया जाता है जो शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत करता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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