दल्लीराजहरा (नईदुनिया न्यूज)। धान के फसल में विभिन्ना प्रकार की बीमारी हो रही है जो कीटनाशक दवाई का छिड़काव करने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। जिसके चलते किसान आर्थिक रूप से कमजोर हो रहे हैं व कर्ज मे डूब रहे हैं। वहीं कई किसानों का फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। मौसम में उतार-चढ़ाव व उमस भरी गर्मी के चलते धान की फसल में तना छेदक ,ब्लाष्ट व भूरा माहो कीट लग गया है।

किसान नरोत्तम साहू ने बताया कि जमा पूंजी धान की फसल बचाने पर लगा चुके और फसल जब तैयार होने की स्थिति मे है ऐसे समय पर कीट प्रकोप एवं विभिन्ना प्रकार की बीमारी चिंता का कारण है। वहीं कृषि विभाग से भी किसानों को फसल के बारे मे कोई सलाह व जानकारी नहीं मिल रही है। किसान चंद्रहास, रोशन लाल, योगेश कुमार, रामस्वरूप ने कहा कि कीटनाशक दवाई का छिड़काव करने के बाद भी बीमारी नहीं रूक रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान की फसल अच्छी है। बालियां भी निकलने लगी हैं। इससे किसान काफी खुश थे लेकिन अचानक भूरा माहो एवं ब्लाष्ट की बीमारी सहित विभिन्ना प्रकार के कीट प्रकोप से पत्तियां उपर की ओर सूखने लगी है। किसान कृषि दुकान के संचालकों से ही जानकारी लेकर दवाई का छिड़काव कर रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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