बालोद (नईदुनिया न्यूूज)। जिला मुख्यालय व ग्रामीण अंचलों के गरीब परिवारों को अपना घर मुहैया कराने के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों को इस का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण यहां के कई पात्र हितग्राहियों को अपने कधो और जर्जर हो चुके मकान में ही गुजर बसर करना पड़ रहा है। क्षेत्र में अधिकांश लोग दैनिक मजदूरी कर अपने परिवार की आजीविका चलाते हैं। उनके पास वर्तमान में जर्जर हो रही झोपड़ी ही उनका आश्रय स्थल है। जिसमें वह अपने परिवार के साथ रहने को मजबूर हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि वह कई बार पंचायत से अपने लिए आवास योजना का लाभ मांग चुके हैं। लेकिन अभी तक उनकी सुनवाई नहीं हुई है। जिसके चलते क्षेत्र के किसी भी गांव में प्रवेश करते ही मिट्टी के मकान दिखते हैं।

यहां पर लोगों से बात करने पर एक ही जवाब मिलता है कि 2011 में सर्वे सूची नहीं होने की बात कहकर नाम काट दिया जाता है। जिसके चलते क्षेत्र के कई लोगों ने तो अब आवास योजना का लाभ मिलने की आस ही छोड़ दी है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि कई पंचायतों में सचिव व सरपंच द्वारा मनमानी के चलते लोगों को पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे लोगों को आज भी कधो और जर्जर घरों में गुजर बसर करनी पड़ रही है। ग्राम भेड़िया नवागांव निवासी तुलाराम साहू व बोधिराम भेड़िया का कहना है कि वह अभी भी कधो घरों में रह रहे हैं। जिससे उन्होंने सरपंच और सचिव से आवास योजना के तहत मकाना बनवाने के लिए कहा था और फार्म भी भरा था। लेकिन लिस्ट में नाम आने के बाद भी योजना का लाभ नहीं दिया गया।

बिना खर्च नहीं मिलता लाभ

करीब-करीब सभी पंचायतों में आवास योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने समय कुछ खर्चा देना पड़ता है और लिस्ट में नाम आने के बाद मोटी रकम देना पड़ती है। जिसके बाद ही योजना का लाभ मिल पाता है। अगर किसी आवेदक द्वारा रुपये देने से मना कर दिया जाता है तो उसे योजना से वंचित कर दिया जाता है। यह सिलसिला करीब-करीब सभी पंचायतों में चल रहा है। इसकी शिकायत भी कई बार ग्रामीणों द्वारा शिकायत जिला पंचायत में सीईओ से की गई लेकिन अधिकारियों और सरपंच व सचिवों के चलते कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कई पंचायतों के लोगों ने बताया कि उनके नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम आने के बाद भी राशि उनके खाते में नहीं भेजी जा रही है। योजना का मिलने के चक्कर में कुछ लोगों ने अपने कधो मकान भी गिरा दिए और तो और अब राशि नहीं मिलने से वे सरपंच व सचिव के घरों के चक्कर लगा रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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