बालोद। Swine Flu Suspicion in Balod जिले में लगातार सूअरों के मौत के मामले सामने आ रहे हैं। अचानक हो रही सूअरों की मौत से हड़कंप मच गया है। वहीं पशु पालक भी दहशत में हैं। बताया जा रहा है कि अब तक 40 से अधिक सूअरों (पिग) की संक्रमण से मौत हो चुकी है। लगातार हो रही सूअरों की मौत से स्वाइन फ्लू की आशंका जताई जा रही है। वहीं पशु विभाग इसे स्वाइन फीवर बता रहा है। लगातार हो रहे सूअरों की मौत से पशु पालकों में दहशत का माहौल बना हुआ है, तो वहीं पशु विभाग अलर्ट हो गया है।

पशु विभाग की मानें तो पशु पालकों को सूअरों को स्वाइन फीवर का वैक्सीन लगाने की सलाह दी गई है और अब तक 300 सूअरों में वैक्सीन लगाई जा चुकी है। एक सैम्पल कलेक्ट किया गया, जिसे राजधानी रायपुर जांच के लिए भेजा गया है।

सूअरों में तेजी से फैल रहा संक्रमण

जिले में सूअर पालन से जुड़े पशुपालकों को भारी संकटों से गुजरना पड़ रहा है। पशुपालक बहुत ही ज्यादा परेशान नजर आने लगे हैं। ग्रामीण अंचलों में बसे कई गांव में सूअरों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ते क्रम पर है। ग्रामीणों की माने तो यह एक बीमारी है जो अचानक फैली और सूअरों को मौत की नींद सुला रही है। पशुपालन करने वालों लोगों के अनुसार यह एक संक्रमित बीमारी है, जो सूअरों में बहुत तेजी से फैल रही है। ठंड के बहुत ज्यादा बढ़ने के कारण यह हो रहा है। वहीं पशुपालन से जुड़े अधिकांश व्यक्ति इस बीमारी के फैलने की जानकारी के साथ ही मौत के आंकड़े को अपने स्तर तक रख प्रशासन को जानकारी प्रदान नहीं कर रहें हैं। उन्हें डर है कि आम नागरिकों को सूअर में फैली बीमारी की जानकारी के साथ ही मौत का आंकड़ा पता चल जायेगा तो इसका सीधा असर उनके व्यापार पर पड़ेगा।

पशुपालकों को उठाना पड़ रहा नुकसान

ग्राम नारागांव के पशुपालक देवलाल गावड़े ने बताया की उनके द्वारा 13 नग सूअरों का पालन किया जा रहा था। जिसमें नर मादा और बच्चे शामिल थे। सभी संक्रमित बीमारी की चपेट में आने से उनकी मौत हो गईं। वहीं जिला मुख्यालय से लगे ग्राम सिवनी और गर्म झलमला में लगभग 40 से अधिक सूअरों की मौत की भी खबर सामने आई है। जिससे सूअर पालन से जुड़े पशुपालको को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है।

वैक्सीन लगाने दी गई है सलाह

डा. डीके सहारे, डिप्टी डायरेक्टर, पशु विभाग ने बताया कि गावों में कही कहीं सूअर मरने की खबर आई है। कितने सूअरों की मौत हुई है, ये आकंड़ा बता पाना संभव नही हैं, क्योकि पशु मालिकों द्वारा हमें सही आकंड़ा नहीं बताया गया है, न ही विभाग में किसी ने शिकायत किया है कि बीमारी फैली है। हमे सन्देह है कि यह स्वाइन फीवर है, स्वाइन फीवर से ही ज्यादातर मृत्यु होती है। लगभग 300 सूअरों में स्वाइन फीवर का वैक्सीनेशन किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से सूअर पालकों को स्वाइन फीवर का वैक्सीन लगाने की सलाह दी गई है।

Posted By: Vinita Sinha

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