बलौदाबाजार (नईदुनिया न्यूज)। जिला सहकारी बैंक वटगन शाखा के लेखापाल सूरज साहू के तीन करोड़ 23 लाख से अधिक राशि का गबन करने के मामले में पलारी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज किया है। बुधवार को सूरज साहू के खिलाफ गबन का रिपोर्ट दर्ज कराने बैंक के अधिकारी पलारी थाना पहुंचे। जिसमें नोडल अधिकारी अविनाश शर्मा और शाखा प्रबंधक प्रहलाद पटेल वटगन ने सीइओ एसके जोशी जिला सहकारी बैंक रायपुर के आदेश और जांच रिपोर्ट के साथ पलारी थाना पहुंचे।

जहां पर दस्तावेजों का परीक्षण के बाद थाना प्रभारी उमेश वर्मा ने गबन के मामले में अपराध दर्ज कर लिया है। वहीं सूरज साहू के खिलाफ एक और अपराध बलौदाबाजार थाने में अलग से दर्ज होगा। क्योंकि करीब 21 लाख से अधिक राशि सूरज साहू ने बलौदाबाजार शाखा से गबन किया था।

मृत महिला के खाते से निकाले थे 1.50 लाख

जिला सहकारी बैंक वटवन शाखा में खाताधारक मृत महिला के खाते से लेखापाल ने 1.50 लाख रुपये निकाले थे। जांच में तीन करोड़ 45 लाख के गबन का राज खुल गया। आरोपित लेखापाल ने अपने ही बैंक की मृत महिला बैसाखिन बाई गेंडरे के खाता क्रमांक 624046114649 से 13 मई 2022 को एक लाख और एक माह बाद 14 जून 2022 को 4,900 रुपये दो बार में निकाल लिया था। जिसका मैसेज मृतका बैखाखिन के घर के मोबाइल पर पैसा निकालने का मैसेज गया तो घर के लोगांे ने इसकी जानकारी लेने बैंक पहुंचे। जहां पर शाखा प्रबंधक को मोबाइल पर पैसा निकालने का मैसेज को दिखाते हुए बताया की उसकी मां की मौत हो चुकी है और उनके खाते से दो बार पैसा निकाल लिया गया। मैसेज देखकर शाखा प्रबंधक भी अवाक रह गए और इसकी जांच की तो उनके ही बैंक के लेखापाल सूरज साहू के उक्त राशि निकालने की पुष्टि हो गई।

जिसके बाद बैक मैनेजर प्रहलाद पटेल ने सूरज को निकाली गई राशि तत्काल उपभोक्ता के खाते में जमा करने का निर्देश दिया। जिस पर सूरज ने अधिकारी को गुमराह करते हुए वापस बैंक के अन्य खाते से उपभोक्ता के खाते में पैसा डाल दिया। जब इस बात की जानकारी प्रबंधक को हुआ तो उन्होंने बैंक के अन्य खाते की प्रारंभिकजांच किया। जिसमें बड़ी गड़बड़ी सामने आई। तब इसकी सूचना उन्होंने मुख्यालय को देकर इसकी जांच कराई। जिसमें आरोपित लेखापाल सूरज के पिछले चार वर्षों में बैंक को लगभग तीन करोड़ 45 लाख रुपये बैंक को चूना लगाने का मामला खुला। इसमें तीन करोड़ 23 लाख वटगन बैंक तो 21 लाख से अधिक रकम बलौदाबाजार ब्रांच से गबन किया है।

वहीं इस संबध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पीतांबर पटेल ने कहा कि जिला सहकारी बैंक वटगन के लेखापाल व प्रभारी शाखा प्रबंधक सूरज साहू के खिलाफ करीब तीन करोड़ 23 लाख रुपये का बैंक के पैसों को गबन करने का मामला पुलिस थाने में दर्ज किया गया है। अब इसकी जांच कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

सीइओ के आदेश पर तीन सदस्यीय टीम ने की थी जांच

गौरतलब है कि सीईओ एस के जोशी जिला सहकारी बैंक रायपुर के आदेश पर तीन सदस्यीय सदस्य जांच समिति का गठन किया गया था। जिसमें रायपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अंतर्गत शाखा प्रबंधक विधान तिवारी जोशी, युवराज दुबे व परमेश्वर वर्मा शामिल थे। तीनों के प्रारंभिक जांच के बाद कार्रवाई की गई है।

वरिष्ठता सूची को दरकिनार कर सूरज साहू को शाखा प्रबंधक का प्रभार सौपा गया था सहकारी बैंक की वटगन शाखा में पदस्थ लेखापाल सूरज साहू के किए गये लगभग 3.45 करोड़ रुपये के गबन की खबर शहर तथा आसपास के अंचल में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। शाखा वटगन में सूरज साहू को 31अक्टूबर 2019 को उस समय के शाखा प्रबंधक चेतन सिंह वर्मा के सेवानिवृत्ति होने पर शाखा प्रबंधक का प्रभार दिया गया था। जबकि सूरज साहू सहायक लेखापाल की 138 लोगांे की वरिष्ठता सूची में 135वंे नंबर पर थे।

इतने जूनियर कर्मचारी को शाखा प्रबंधक का प्रभार देना अपने आप में संदेह के दायरे में आता है। आखिर ऐसी कौन सी वजह थी कि सूरज साहू पर ऐसी मेहरबानी की गई। उस समय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर एसके जोशी तथा अतिरिक्त प्रबंधक (प्रशासन) के पद पर एसपी चंद्राकर पदस्थ थे। इन अधिकारियों ने वरिष्ठता में 135वंे नंबर पर आने वाले व्यक्ति को शाखा प्रबंधक का प्रभार देना अपने आप में एक बड़ा संदेह पैदा करता है।

Posted By: Pramod Sahu

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