बलौदाबाजार (नईदुनिया न्यूज)। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की शहादत दिवस के मौके पर आज छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित राजीव गांधी किसान न्याय योजना का आगाज हुआ। सोनिया गांधी व राहुल गांधी की नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिए विशेष मौजूदगी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए राजधानी रायपुर से इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया। उनके एक क्लिक से ही राज्य के लगभग 19 लाख किसानों के खातों में 1500 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त की कृषि आदान सहायता राशि जमा हो गई। योजना के अंतर्गत खरीफ धान, मक्का व रबी गन्नाा उत्पादक लगभग 19 लाख किसानों को राज्य सरकार द्वारा लगभग 5700 करोड़ रुपये की राशि चार किश्तों में जमा की जाएगी। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के लगभग 1 लाख 50 हजार किसानों को इस योजना का फायदा मिला है। उन्हें प्रति एकड़ अधिकतम 10 हजार रुपये के हिसाब से साल भर में लगभग 444 करोड़ की राशि मिलेगी। प्रथम किश्त के तौर पर उन्हें लगभग 116 करोड़ 60 लाख की राशि बैंक खातों में जमा करा दी गई है। खरीफ सीजन की शुरुआत में नगद राशि मिलने से जिले के किसानों में खुशी की लहर व्याप्त है। जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश वर्मा, कलेक्टर कार्तिकेया गोयल, जिला पंचायत के सीईओ आशुतोष पांडेय यहां कलेक्टोरेट के एनआईसी कक्ष में आयोजित वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए शुभारंभ समारोह में शामिल हुए।

योजना में ये किसान शामिल

उल्लेखनीय है कि राज्य के किसानों को कृषि आदान सहायता के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना का चालू की गई है। इस योजनांतर्गत खरीफ मौसम की फसलें धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, रामतिल, कोदो, कुटकी, रागी तथा रबी में गन्नाा फसल उत्पादक कृषकों को सम्मिलित किया गया है। योजना का उद्देश्य उत्पादन में वृद्घि कर कास्त लागत की प्रतिपूर्ति कर कृषकों की शुद्घ आय में वृद्घि करना, उन्हें कृषि में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना, कृषि को व्यवसाय के रूप स्थापित करना है। उक्त फसल उत्पादक किसान पंजीकृत या वास्तविक बोए गए रकबा के आधार पर प्रति एकड़ की दर से अनुपातिक रूप से उनके बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से सहायता राशि अंतरित होगा। कृषकों को निर्धारित प्रपत्र में घोषणा पत्र के साथ पंजीयन, कृषि विभागीय पोर्टल पर कराना होगा, फसल अवशेष जलाने वाले किसान अपात्र माने जाएंगे। उक्त योजना जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा संचालित की जाएगी। योजना का क्रियान्वयन भूतलक्षी प्रभाव से वर्ष खरीफ 2019 में धान व मक्का फसल लगाने वाले कृषकों को अधिकतम 10 हजार रुपये प्रति एकड़ भुगतान किया जाएगा।

1 लाख 54 हजार किसानों ने कराया है पंजीयन

वर्ष 2019 खरीफ में 1 लाख 54 हजार कृषकों ने 4 लाख 63 हजार एकड़ धान का पंजीयन कराया था। इसी प्रकार मक्का फसल 289.50 एकड़ में कृषकों द्वारा लिया था। यथानुसार उन्हें लाभ होगा। खरीफ वर्ष 2020 में उक्त वर्णित सभी फसल उत्पादक कृषकों को 1 जून से 31 सितंबर के मध्य योजना क्रियान्वयन के लिए पोर्टल में पंजीयन कराना, भूमि व फसल रकबे का कृषि-राजस्व विभाग के मैदानी अमले से सत्यापन के बाद सहकारी समिति में पंजीयन कराना होगा। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी व पटवारी रकबे का सत्यापन करेंगे। इसी के अनुसार सत्यापित रकबे का आदान सहायता राशि का भुगतान होगा। आधार नम्बर अनिवार्य होगा, जिनका नहीं है वे कृषक आधार के लिए आवेदन करेगें व पंजीयन की प्रति प्रस्तुत करेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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