बलौदाबाजार/डोंगरीडीह (नईदुनिया न्यूज)। राम वनगमन पथ मार्ग पर ट्री गार्ड बनाने वाले लगभग 280 मजदूरों की मजदूरी राशि व महिला स्व सहायता समूह का लाखों की राशि का भुगतान पिछले चार माह से अटका हुआ है। जिससे अब भुगतान नहीं होने के कारण मजदूरों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। बुधवार को इन मजदूरों ने मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

विदित हो कि 11 जुलाई को वन विभाग ने 35 किलोमीटर तक 27000 पौधरोपण किया था जिसमें 35 किलोमीटर तक विभिन्ना परिक्षेत्र के स्व सहायता समूह सहित मजदूरों ने उक्त पौधरोपण को सुरक्षित रखने के लिए लगभग 6000 ट्री गार्ड का निर्माण किया था लेकिन अब इन मजदूरों का भुगतान समय पर नहीं होने के कारण लामबंद नजर आ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि यह कार्य नरेगा के तहत हो हुआ था लेकिन काम करने के बाद भी इन्हें भुगतान नहीं हो रहा है। यह पूरा पेंच जिला पंचायत और वन विभाग के बीच फंसा हुआ है।

शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं

इस कार्य में लगे अलग-अलग गांवों से मजदूर दफ्तरों के रोजाना ही भुगतान की मांग को लेकर पहुंच रहे हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहे इन मजदूरों को ब्लाक स्तर पर दफ्तरों के बाहर चक्कर काटते आसानी से देखा जा सकता है। पिछले चार महीने से मनरेगा मजदूर भुगतान की मांग को लेकर चक्कर काट रहे हैं। बावजूद इसके मजदूरों को भुगतान के बजाय कोरा आश्वासन ही मिल रहा है। मजदूरों का कहना है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रति ट्री गार्ड की निर्धारित दर 450 रुपये हैं किंतु हमारे लिए जिला सीईओ द्वारा 3 सौ रुपये दर स्वीकृत किया गया हैं। इसके बावजूद हमे यहां मजदूरी राशि नहीं मिल पा रही है। आर्थिक तंगी का आलम ऐसा है कि रोजमर्रा के सामान के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मजदूरों ने अतिशीघ्र भुगतान नहीं होने की स्थिति में घेराव करने व मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात कही है।

जिला पंचायत से यह मिली जानकारी

जिला पंचायत के अधिकारियों ने बताया कि महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत राम वन गमनपथ पौधारोपण के क्रियान्वयन एजेंसी वन विभाग को दी गई थी। जिसमें भुगतान व समस्त कार्यवाही पूर्ण करने की जवाबदेही वन विभाग की है। वन विभाग द्वारा नगर पंचायत के स्वसहायता समूह के क्षेत्रों से कार्य लिए जाने के कारण जिला पंचायत सीईओ ने नगरीय क्षेत्र के स्व सहायता समूह के होने का हवाला देकर उनके पंजीयन फार्म को सुधार के लिए वन मंडल अधिकारी को वापस भेजा गया। लेकिन वन मंडल अधिकारी द्वारा सुधार न किया जाकर भुगतान में लापरवाही बरती गई। साथ ही वनमंडल अधिकारी द्वारा महात्मा गांधी नरेगा में ग्रामीण क्षेत्रों के समूह से काम ना लेकर नगर पंचायत के क्षेत्रों से कार्य लिया गया है।

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वर्सन

कुछ क्यारी जिला पंचायत से बची हुई थी इसलिए भुगतान नहीं हो सका है। मैंने कलेक्टर से भी बात की है। दो दिनों के भीतर पेमेंट हो जाएगा।

-आलोक तिवारी, डीएफओ, बलौदाबाजार

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ग्रामीण क्षेत्रों के समूह के मजदूरों के मजदूरी का भुगतान वन मंडल अधिकारी ने पेमेंट आगे प्रोसेस नहीं किया है। जिसके कारण नगरीय क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के समूह और मजदूरों का भुगतान नहीं हुआ है।

-केके साहू, प्रभारी, मनरेगा जिला पंचायत बलौदाबाजार

Posted By: Nai Dunia News Network

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