नवापारा-राजिम। प्राथमिक क़ृषि साख सहकारी समिति सुंदरकेरा द्वारा 30 किलो ग्राम वजनी वर्मी कंपोस्ट खाद की जगह कम वजन वाले खाद वितरित का मामला आया है। जिसकी शिकायत इस सोसाइटी से खाद लेने वाले सभी किसान कर रहे हैं। गुरुवार को ग्राम परसदा के एक किसान आशाराम साहू ने जैविक खाद में वजन कम आने की शिकायत लेकर इस सहकारी सोसाइटी के व्यवस्थापक को शिकायती पत्र सौंपा और कहा कि उन्हें तय वजन के मुताबिक वर्मी कंपोस्ट उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि 30 किलो वजनी वर्मी कंपोस्ट खाद की जगह 20-22 किलोग्राम व 23 किलोग्राम का खाद पकड़ा दिया गया। इसी तरह बाकी अन्य किसानो को भी कम वजन का खाद वितरित किया जा रहा है। पीड़ित किसान ने बताया कि वर्मी कंपोस्ट के नाम पर मिट्टी मिला हुआ गुणवत्ताहीन वर्मी कंपोस्ट खाद पकड़ाया जा रहा है, जिसका वजन भी कम आ रहा है। इस मामले में प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा व वरिष्ठ भाजपा नेता दयालु राम गाड़ा ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए इस ओर जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्मी कंपोस्ट खाद वितरण के नाम पर सरकार गुणवत्ताहीन खाद पकड़ा कर किसानों को बेवकूफ बना रही है, उन्हें ठगने का काम कर रही है। गुणवत्ताहीन वर्मी कंपोस्ट खाद का वितरण और फिर अब वजन में कमी समझ से परे है। यह जांच का विषय है। उन्होंने प्रदेश के जिम्मेदारों से इस ओर ध्यान देने की अपील की और कहा कि किसानो के साथ अत्याचार बंद करें और वर्मी कंपोस्ट खाद के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार पर विराम लगाए।

जो खाद आई है उसी को वितरित कर रहे हैं: व्यवस्थापकः इस मामले में सुंदरकेरा सहकारी सोसाइटी के व्यवस्थापक चंद्रिका प्रसाद साहू ने कहा कि अभी ऐसे ही वर्मी कंपोस्ट खाद की सप्लाई आ रही है, वही वितरित किया जा रहा है। किसानों की शिकायत पर संबंधित मामले में कृषि विभाग के अधिकारियों से बातचीत हुई है। जिस पर वे सोसाइटी पहुंच किसानों को आश्वस्त किए हैं कि उन्हें कम वजन के खाद अलग से पैकेट बनाकर प्रदान कर दिए जाएंगे। वर्मी कंपोस्ट खाद की अनिवार्यता पर उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर किसानों को अनिवार्य रूप से वर्मी कंपोस्ट उपलब्ध कराया जा रहा है।

हिसान हित में निर्णय लेंगेः एसडीएमः इस पूरे मामले पर अभनपुर एसडीएम निर्भय साहू ने कहा कि आपसे मामले की जानकारी हुई है। इस पर जानकारी जुटाकर किसान हित पर जो लाभकारी होगा वह करेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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