नवापारा-राजिम। धर्म नगरी राजिम के त्रिवेणी संगम में मकर संक्रांति पर सुबह से श्रद्धालु नदी में पुण्य स्नान के लिए पहुंच जाएंगे पर नदी में प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। नदी में जो पानी है वो भी पूरा गंदा हो चुका है और नदी का हाल तो बहुत ही दयनीय स्थिति में है।

कुछ माह पूर्व लोक निर्माण विभाग द्वारा साफ सफाई कराई जा रही थी। विभाग के अधिकारी ने बताया था कि नदी में पड़े सभी प्लास्टिक की बोरियों को नदी से हटा दिया जाएगा। मगर अब तक वह प्लास्टिक की बोरियां पूर्ण रूप से नहीं हटी हैं। विभाग का इस तरह का कार्य सिर्फ दिखावा तक ही था। अभी भी हजारों की संख्या में प्लास्टिक की बोरियां नदी में पड़ी हैं जिससे त्रिवेणी संगम का अस्तित्व वास्तविक में खत्म होता जा रहा है। महानदी की स्थिति को लेकर दोनों नगर के जनप्रतिनिधि भी चुप्पी साधे बैठे रहते हैं।

संगम सूखा कैसे होगा पुन्नाी मेला

अभी गरमी शुरू नहीं हुई है और छत्तीसगढ़ का प्रयाग नगरी त्रिवेणी संगम सूखने लगा है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि अपनी लोक संस्कृति को सहेजने के लिए आम जनमानस का सहयोग आवश्यक है पर मकर संक्रांति के इस लोक पर्व पर त्रिवेणी संगम में स्नान के लिए पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं होना प्रशासन की उदासीनता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

जबकि नदी के दोनों छोर में दोनों ही जगह कांग्रेस के विधायक मौजूद हैं। दोनों ही दिग्गज जनप्रतिनिधियों के होते हुए श्रद्घालुओं को पर्व स्नान में होने वाली दिक्कतें समझ से परे है। सक्रांति स्नान के लिए अंचल व दूरदराज के गांव से भी लोग आस्था व श्रद्घा के साथ यहां पहुंचते हैं। नदी की स्थिति को देखकर श्रद्घालु स्थानीय जनप्रतिनिधि व प्रशासन को जरूर कोसेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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