कसडोल (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कसडोल नगर में नाबालिग बच्चों को घर मेें रस्सी से बांधकर मारपीट करने का मामला सामने आया है। जिसमे नाबालिक बच्चों के नानी ने कसडोल थाने में मारने वाले लोगों पर नामजद एफआइआर कराई है। कसडोल पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं एक फरार है।

मिली जानकारी के अनुसार नाबालिग बच्चे सोमवार की रात्रि लगभग 11 बजे नगर के जिला सहकारी बैंक के पास स्थित संजू पान सेंटर में चोरी करने गए थे। जिसे दुकान के अंदर सो रहे संजू साहू ने पकड़ लिया। जिसके बाद संजू साहू ने नाबालिग बच्चों को पकड़कर अपने घर ले गया।

वहां अपने साथियों के साथ बंधक बनाकर रस्सी से बांधकर मंगलवार की सुबह तक पिटाई किया। वहीं नाबालिग बच्चोंं की पिटाई के दौरान आरोपितों ने वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया में वायरल कर दिया। वीडियो में साफ तौर देखा जा सकता कि नाबालिग बच्चोंं की किस तरह से पिटाई कर रहे हैं।

वहीं कसडोल पुलिस ने चोरी के मामले में तीन बच्चों को बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है, वहीं अब ये मामला तूल पकड़ रहा है। इधर जानकारी और इंटरनेट मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद बाल संरक्षण आयोग की सदस्य पुष्पा पाटले और आशा संतोष यादव ने कसडोल नगर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की और पूरा मामला आयोग के समक्ष सौपने की बात कही।

तीन युवक गिरफ्तार

कसडोल के थाना प्रभारी आशीष सिंह राजपूत ने कहा कि नाबालिक बच्चों को रस्सी से बांधकर मारने की एक वीडियो वायरल होने के बाद नाबालिगों के स्वजनों की शिकायत के आधार पर तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है, मामले की जांच की जा रही है।

सरपंच की बात न मानने पर चार परिवारों का बंद कर दिया हुक्का-पानी

कसडोल जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम धौराभाटा में सरपंच और गांव प्रमुखों की बात न मानने की सजा कुछ इस तरह मिली की हुक्का पानी बंद कर दिया गया हैं। वही पीड़ित पक्ष न्याय की गुहार में कभी जिला मुख्यालय तो कभी अनुविभागीय अधिकारी तो कभी थाने की चक्कर लगाते फिर रहे हैं। गांव से बहिष्कृत और हुक्का-पानी बंद से तंग गरीब चार परिवार आज मानसिक परेशानियों से लड़ते सरकारी दफ्तरों की दरवाजा न्याय के लिए खटखटाने को मजबूर हैं।

सरपंच पहले मीडिया के सामने आने से खुद को बचाते रहे, फिर उन्होंने कहा कि किसी को न बहिष्कृत किया गया हैं, न हुक्का-पानी बंद किया गया है। सरपंच ने कहा चारो परिवार गांव के नियमों का न तो पालन करते हैं न ही कोई सामाजिक मीटिंग में उपस्थित होते हैं, न ही गांव में किसी प्रोग्राम में पैसों का सहयोग करते हैंं।

Posted By: Pramod Sahu

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